धामी कैबिनेट: यूसीसी संशोधन और पर्यटन नियमावली समेत 19 अहम फैसले
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिनमें यूसीसी में संशोधन और उत्तराखंड पर्यटन की नई नियमावली को मंजूरी देना शामिल है। यह संकेत है कि राज्य सरकार प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दे रही है।
वित्तीय और प्रशासनिक फैसले:
इसके अलावा, राज्य सरकार ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ रुपये की शासकीय प्रतिभूति (स्टेट गारंटी) को मंजूरी दी, जिससे चीनी मिलें अब ऋण ले सकेंगी। साथ ही, चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को 405 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया। निर्वाचन विभाग की सेवा नियमावली को मंजूरी दी गई, उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम बदलकर उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम किया गया, और यूकोस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले:
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ऊर्जा विभाग और वन निगम की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत करने की मंजूरी।
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बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलमेट पर केंद्र सरकार की 50% सहायता के साथ राज्य से अतिरिक्त 25% मंजूरी।
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दून विश्वविद्यालय में हिंदू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों की स्वीकृति।
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उपनल कर्मचारियों के लिए समान कार्य समान वेतन योजना में संशोधन: 10 वर्ष पूरा करने वालों को लाभ, 2018 से पूर्व के बाकी कर्मचारियों के लिए अलग लाभ।
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सतेंद्र कुमार बनाम सीबीआई मामले में 16 विशेष न्यायालयों का गठन और 144 पद स्वीकृत।
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खनन विभाग ने नंधौर और अन्य नदियों में खनन आदेश में संशोधन किया।
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खेल प्रतियोगिताओं के लिए विधायक स्तर पर 1 लाख, सांसद स्तर पर 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख पुरस्कार और ट्रॉफी का प्रावधान।
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ब्रिडकुल रोपवे, टनल, कैविटी पार्किंग और ऑटोमेटेड/मेकेनिकल पार्किंग की मंजूरी।
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बीएनएस धारा 330 में दो पक्षों की सहमति पर विशेषज्ञ की आवश्यकता नहीं, नियमावली तैयार।
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यूसीसी में संशोधन और विवाह पंजीकरण के नियमों में बदलाव: जनवरी 2025 से विवाह पंजीकरण छह माह की बजाय एक साल में करना होगा। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव स्तर के अधिकारी होंगे।
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पर्यटन नियमावली में बदलाव: होम स्टे योजना का लाभ केवल स्थानीय निवासियों को, बाहरी राज्य के लोग केवल ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट चला सकेंगे।
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केदारनाथ धाम में पायलट प्रोजेक्ट: गोबर और चीड़ की पत्तियों से बायोमास पैलेट का उत्पादन, पर्यटन विभाग द्वारा क्रियान्वित।



