
देहरादून : उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 25 साल से फरार चल रहे सुरेश शर्मा, जो कि 2 लाख रुपये के इनामी अपराधी हैं, को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी उत्तराखंड पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, क्योंकि सुरेश शर्मा 1999 में बद्रीनाथ में डीजीसी बालकृष्ण भट्ट की हत्या में शामिल था और उसके खिलाफ लंबी कानूनी कार्यवाही जारी थी।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा, “उत्तराखंड पुलिस अपराधियों की धरपकड़ और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।” उन्होंने एसटीएफ की टीम को इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी के लिए सराहा।
एसटीएफ ने सुरेश शर्मा की गिरफ्तारी के लिए महीनों तक गहन जांच और विश्लेषण किया। टीम ने उसके पुराने दस्तावेजों और तकनीकी सूचनाओं का पुनः विश्लेषण कर उसकी पहचान स्थापित की। इसके बाद, एसटीएफ की टीम, जिसमें निरीक्षक अबूल कलाम, उप निरीक्षक विघादत्त जोशी, और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे, ने सुरेश शर्मा को झारखंड के जमशेदपुर से गिरफ्तार किया।
सुरेश शर्मा ने 1999 में बद्रीनाथ में डीजीसी बालकृष्ण भट्ट की हत्या की थी। वह कुछ समय तक गिरफ्तार हुआ, लेकिन जमानत मिलने के बाद फरार हो गया। उसके बाद, पुलिस की कई टीमें उसे पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली और अन्य राज्यों में प्रयासरत थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी।