
Pithoragarh : उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद जहां एक ओर स्थानीय लोगों के चेहरे खिल उठे हैं तो वहीं दूसरी ओर सैलानी भी बर्फबारी के बाद पहाड़ों का बड़ी संख्या में रूख कर रहे हैं। पिथौरागढ़ में भी बर्फबारी के चोटियां चांदी सी चमक उठी हैं और नजरे और भी सुहाने हो गए हैं।
पिथौरागढ़ में बर्फबारी के बाद चांदी सी चमकी चोटियां
पिथौरागढ़ में नए साल में सीजन की तीसरी बर्फबारी से हिमालयी चोटियां चांदी की तरह चमकने लगी हैं। धारचूला के उच्च हिमालयी गांव कुटी में तीन फुट से अधिक तो मुनस्यारी में दो इंच तक बर्फबारी हुई। पर्यटकों ने नंदा देवी मंदिर डाडाधार में बर्फ का लुत्फ उठाया।
सैलानी कर रहे खूबसूरत नजारों का दीदार
बाजार क्षेत्र में जहां दो इंच तो कालामुनी, बेटुलीधार, बलांति में लगभग एक फुट बर्फ पड़ी। बर्फबारी के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक पिथौरागढ़ जिले के हिल स्टेशन्स का रूख कर रहे हैं। मुनस्यारी, अस्कोट से लेकर धारचूला तक भारी संख्या में पर्यटक प्रकृति का आनंद लेने के लिए पहुंच रहे हैं।

बर्फबारी के बाद पड़ रही कड़ाके की ठंड
जिले में बर्फ के चलते थल -मुनस्यारी सड़क पर कुछ देर आवागमन बाधित हुआ। बाद में जेसीबी से बर्फ हटाकर यातायात शुरू किया गया। अस्कोट के जौरासी, घनधुरा, पय्यापौड़ी, कनार, शिखर,ध्वज, सिंगाली के ऊपरी क्षेत्र में बर्फबारी हुई है। इससे निचले गांवों में लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। धारचूला के दारमा, व्यास घाटी में भी ताजा हिमपात हुआ है। यहां पहले से ही दो फुट से अधिक बर्फ जमा होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
दारमा के दांतू गांव निवासी होम स्टे संचालक संजय जंग, गुड्डू जंग और हितेश दताल ने बताया कि घाटी के ग्राम नागलिंग से ऊपर के गांवों में ताजा बर्फबारी हुई है। बीआरओ के मेट कवींद्र सिंह नगन्याल ने बताया कि बर्फ गिरने से सेला से ऊपर सड़क बंद है। व्यास घाटी के गर्ब्यांग से ऊपर के गांवों में एक फीट से ज्यादा बर्फ गिरी है। कुटी गांव में मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक क्षेत्र में तीन से चार फुट तक बर्फबारी हो चुकी है।



