रांची: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन में सरकार के बड़े फैसले के बाद नया मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विवादित एजेंसी TDPL से जुड़ी परीक्षाओं और परिणामों को रद्द करने के साथ कई JPSC परीक्षाओं को भी निरस्त करने का ऐलान किया है। सरकार के फैसले से आंदोलनकारी छात्रों में खुशी जरूर दिखाई दी, लेकिन आंदोलन पूरी तरह खत्म होगा या आगे जारी रहेगा, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
छात्रों की मुख्य मांग अब भी CBI जांच को लेकर है। इसी मुद्दे पर आंदोलन की अगली रणनीति तय होनी है।
सरकार के फैसले से किन परीक्षाओं पर असर?
सरकार ने TDPL के माध्यम से आयोजित परीक्षाओं और उनसे जुड़े जारी परिणामों को रद्द करने की घोषणा की है। इनमें बहुचर्चित JSSC-CGL परीक्षा भी शामिल है।
इसके अलावा 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा तथा वर्ष 2023 से 2025 के बीच बैकलॉग से संबंधित परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया गया है।
सरकार ने यह भी कहा है कि वर्ष 2014 से अब तक हुई नियुक्ति प्रक्रियाओं में सामने आई कथित गड़बड़ियों की व्यापक स्तर पर जांच कराई जाएगी। JPSC की 11वीं, 12वीं और 13वीं सिविल सेवा परीक्षाओं से जुड़ी प्रक्रियाएं भी जांच के दायरे में रहेंगी।
फैसले के बाद धरना स्थल पर मना जश्न
सरकार की घोषणा सामने आने के बाद सोमवार देर रात धरना स्थल पर मौजूद छात्रों ने खुशी जताई और जश्न मनाया। लंबे समय से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे छात्रों के लिए इसे बड़ी सफलता के तौर पर देखा गया।
लेकिन जश्न के बावजूद आंदोलन की पूरी तरह वापसी नहीं हुई है। इसकी वजह CBI जांच को लेकर सरकार की ओर से अभी तक सहमति नहीं मिलना है।
मंगलवार को तय होगी आंदोलन की अगली दिशा
रिफॉर्म्स मंच के कोर कमेटी सदस्य रविंद्र पासवान के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को मंच की कोर कमेटी की बैठक होगी। इसी बैठक में आंदोलन को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। बैठक में यह भी तय होना है कि मुख्यमंत्री आवास घेराव का कार्यक्रम जारी रखा जाए या आंदोलन को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया जाए।
फिलहाल मंच से जुड़े सदस्य धरना स्थल पर मौजूद हैं और अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा।

न्याय मंच ने भी नहीं किया आंदोलन खत्म करने का औपचारिक ऐलान
दूसरी ओर न्याय मंच की तरफ से भी आंदोलन को औपचारिक तौर पर खत्म या स्थगित करने की घोषणा नहीं हुई है।
सोमवार रात देवेंद्र नाथ महतो ने अपना अनशन समाप्त किया था और आंदोलन को स्थगित करने की बात कही थी। हालांकि, न्याय मंच की ओर से इस संबंध में आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।
मंच की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आंदोलन की आगामी रणनीति की जानकारी दिए जाने की संभावना है।
अस्पताल से लौटे राहुल क्रांति, फिर शुरू किया अनशन
?आंदोलन के बीच छात्र नेता राहुल क्रांति का मामला भी महत्वपूर्ण हो गया है। अनशन के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। वहां जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया गया इस दौरान मंत्री दीपिका सिंह पांडे, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और विधायक जयराम महतो भी मौजूद थे।
लेकिन अस्पताल से वापस लौटने के बाद राहुल क्रांति फिर धरना स्थल पहुंच गए। उन्होंने सरकार के फैसले के बावजूद CBI जांच की मांग को लेकर दोबारा अनशन शुरू कर दिया।

CBI जांच बनी आंदोलन की सबसे बड़ी वजह
सरकार ने परीक्षाओं को रद्द करने और पुरानी नियुक्ति प्रक्रियाओं की जांच कराने का फैसला लिया है, लेकिन छात्रों की मांग इससे आगे की है। आंदोलनकारी छात्र चाहते हैं कि कथित अनियमितताओं की जांच CBI से कराई जाए।
यही मुद्दा फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध की मुख्य वजह बना हुआ है।
ऐसे में सरकार के फैसले के बाद आंदोलन का स्वरूप क्या होगा, यह मंगलवार की बैठकों के बाद ही स्पष्ट होने की उम्मीद है।
अब किस फैसले का इंतजार?
फिलहाल तीन घटनाक्रमों पर सबकी नजर है—रिफॉर्म्स मंच की कोर कमेटी की बैठक, न्याय मंच की आधिकारिक घोषणा और राहुल क्रांति के दोबारा शुरू किए गए अनशन का आगे का रुख। यदि CBI जांच की मांग पर कोई सहमति नहीं बनती है, तो आंदोलन जारी रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, सरकार के फैसले को लेकर छात्र संगठनों के भीतर आगे की रणनीति पर मंथन जारी है।
अब अगली बैठकें तय करेंगी कि JPSC-JSSC आंदोलन यहां से समाप्ति की ओर बढ़ता है या CBI जांच की मांग को लेकर एक बार फिर तेज होता है।