
उत्तराखंड में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) लागू होने से ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और विभिन्न टैक्सी यूनियनों द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है। अल्मोड़ा में भी इसे लेकर प्रदर्शन जारी है और अब प्रदर्शनकारियों ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है।
अल्मोड़ा में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन में निजी हस्तक्षेप का विरोध
उत्तराखंड में ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) लागू होने से ऑल उत्तराखंड मोटर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन और विभिन्न टैक्सी यूनियनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। जनवरी 2026 से परिवहन विभाग द्वारा कॉमर्शियल वाहनों की मैनुअल फिटनेस प्रक्रिया को पूरी तरह बंद कर केवल एटीएस (ATS) के माध्यम से टेस्टिंग अनिवार्य करने के फैसला लिया है।जिससे जगह-जगह टैक्सी यूनियनों के धरने प्रदर्शन चल रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने दी आमरण अनशन की चेतावनी
ऑटोमेटिक टेस्टिंग स्टेशन (ATS) में निजी हस्तक्षेप के विरोध में अल्मोड़ा के द्वाराहाट में पिछले 10 दिनों से टैक्सी मालिकों का त्रिमूर्ति चौराहे पर धरना प्रदर्शन चल रहा है। उनका कहना है कि जब तक प्रत्येक ज़िले में सरकारी ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन ATS सेंटर स्थापित नहीं होते है तब तक पुराने फिटनेस सिस्टम को बहाल किया जाए।
ATS सेंटरों में फिटनेस की ली जा रही मनमानी फीस
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निजी ATS सेंटरों में फिटनेस को लेकर मनमानी फीस ली जा रही है। जिससे टैक्सी व छोटे वाहन चालकों का शोषण हो रहा है। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार ने इस विषय में कोई भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो टैक्सी मालिक और चालक 2 फरवरी से आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे।



