देहरादून। उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में सरकारी और निजी नर्सिंग संस्थानों की कुल सीटें बढ़कर 11,495 हो गई हैं। खास बात यह है कि सरकार अब युवाओं को नर्सिंग की पढ़ाई के साथ जापानी और जर्मन जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देकर विदेशों में रोजगार के अवसरों से भी जोड़ रही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक उत्तराखंड के 60 युवाओं को जापान और 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिल चुका है।
तीन नए सरकारी नर्सिंग कॉलेजों से बढ़ीं 321 सीटें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नर्सिंग शिक्षा के विस्तार और चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग संस्थानों में कुल 321 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई गई हैं।इनमें बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें शामिल हैं। वर्तमान में प्रदेश के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों की कुल सीटें बढ़कर 879 हो गई हैं।इससे प्रदेश के युवाओं को नर्सिंग क्षेत्र में शिक्षा और करियर बनाने के अधिक अवसर मिल रहे हैं।

जापान-जर्मनी तक पहुंच रहे उत्तराखंड के नर्सिंग युवा
उत्तराखंड सरकार नर्सिंग युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर दिलाने के लिए विशेष पहल कर रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं की भी शिक्षा दी जा रही है। सरकार की इस पहल का असर अब दिखने लगा है। वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में, जबकि वर्ष 2025 में 13 युवाओं को जर्मनी में रोजगार मिला। इससे प्रदेश के नर्सिंग युवाओं के लिए विदेशों में करियर बनाने के नए रास्ते खुल रहे हैं।

नर्सिंग कॉलेजों में फैकल्टी बढ़ाने पर जोर
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए धामी सरकार शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर दे रही है। दिसंबर 2021 में 40 और जून 2025 तक 26 ट्यूटर नियुक्त किए गए, जिससे नियमित ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई। इसके अलावा अक्टूबर 2022 में नौ और नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई।वहीं, 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। इसके साथ ही 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को अधियाचन भेजा गया है।
निजी नर्सिंग संस्थानों में 10 हजार से अधिक सीटें
उत्तराखंड में निजी नर्सिंग संस्थानों का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालन के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और 5,138 सीटों को मंजूरी मिली। वर्तमान में निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल 10,616 सीटें उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी यहां दाखिला ले रहे हैं। इससे प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं।
हर साल 12 से 15 हजार युवा कर रहे आवेदन
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की नर्सिंग प्रवेश परीक्षा में हर साल करीब 12 हजार से 15 हजार अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह युवाओं में नर्सिंग शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाता है।
युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार देना लक्ष्य: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग शिक्षा का विस्तार कर युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार चाहती है कि प्रदेश के युवा अपने कौशल से आगे बढ़ें और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में योगदान दें।



