देहरादून – उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) ने नई पहल करते हुए 22079 छात्रों से उन्हें पढ़ाने वाले 1728 शिक्षकों का ऑनलाइन फीडबैक मांगा तो 382 शिक्षक उत्कृष्टता की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। विवि ने छात्रों से 41 अलग-अलग बिंदुओं पर शिक्षकों का तीन श्रेणी में फीडबैक हासिल किया है।

विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध सभी तकनीकी संस्थानों के छात्रों से करीब चार माह पूर्व शिक्षकों का अनिवार्य फीडबैक मांगा गया था। सेमेस्टर परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं को इंटरनेट पर देखने से पहले फीडबैक देना अनिवार्य कर दिया गया था। फीडबैक में 382 शिक्षक उत्कृष्टता की श्रेणी (80 फीसदी अंक) तक नहीं पहुंच सके, इनमें से 23 शिक्षकों को तो 50 फीसदी या इससे कम ही अंक मिले। हालांकि 807 शिक्षकों ने 80 से 90 प्रतिशत के बीच अंक हासिल किए। जबकि 455 शिक्षकों को 90 से 99 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए हैं। वहीं, 100 में से 100 अंक पाकर 84 शिक्षक आदर्श बने।
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ओंकार सिंह ने बताया कि 80 प्रतिशत से कम अंक वाले सभी शिक्षकों को अपने शिक्षण में सुधार करेंगे। 70 प्रतिशत से कम वालों के लिए सभी 41 पहलुओं पर फोकस करना अति आवश्यक है। 50 प्रतिशत से कम स्कोर वालों को अपने में विशेष सुधार की आवश्यकता है।
छह श्रेणियों में 41 प्रश्नों को किया गया था समाहित
फीडबैक के लिए विवि की वेबसाइट पर जारी फॉर्म में 06 श्रेणियों के अंतर्गत 41 सवाल पूछे गए थे। जिनमें शिक्षकों का अनुशासन प्रति जोर, विषय की गहन जानकारी, शिक्षण मैथेडोलॉजी, शिक्षक का व्यवहार, प्रयोगात्मक कार्यप्रणाली, कक्षा में उपस्थिति, शिक्षक का पढ़ाते समय आत्मविश्वास, नवीन शिक्षण विधियों का उपयोग आदि को शामिल किया था।
इन बिंदुओं पर छात्रों को फीडबैक के लिए चार विकल्पों में से एक का चुनना था। यानी प्रत्येक बिंदु पर सर्वश्रेष्ठ, अच्छा, सामान्य एवं खराब का विकल्प चुनना था। जिसके आधार पर कंप्यूटर पर स्टेटिस्टिक्स तैयार की गई। जिसके आधार पर नंबर दिए गए।
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