हरिद्वार : हरिद्वार में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश के इतिहास में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में एक ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा।
मंत्री रेखा आर्या ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बताया ऐतिहासिक कदम
सोमवार को कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने पार्टी के तमाम पदाधिकारियों के साथ होटल ग्रैंड पार्क में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन सुना। रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक आरक्षण देने का विचार करीब चार दशक से चर्चा में रहा है। इसके बाद कई बार प्रयास हुए और 2010 में यह विधेयक राज्यसभा से पारित भी हुआ, लेकिन लोकसभा में लंबित रह गया।
ये अधिनियम महिलाओं को देगा सशक्त नेतृत्व की दिशा
मंत्री ने कहा कि वर्षों तक कई राजनीतिक दलों ने अपने घोषणापत्र में महिला आरक्षण का जिक्र किया, लेकिन इसे लागू करने के लिए ठोस इच्छाशक्ति नहीं दिखाई। रेखा आर्या ने कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को संसद के विशेष सत्र में प्राथमिकता देकर पारित कराया, जो मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट नीयत का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। इससे महिलाएं न केवल नीति निर्माण में भाग लेंगी, बल्कि निर्णय लेने में भी अग्रणी भूमिका निभाएंगी।
ये नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए करेगा प्रेरित
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस कानून से नीतियां अधिक संवेदनशील और समावेशी बनेंगी। इसके साथ ही महिलाओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलेगी और समाज में उनके प्रति सम्मान बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि ये नई पीढ़ी की बेटियों को नेतृत्व के लिए प्रेरित करेगा।
अंत में रेखा आर्या ने कहा कि अब नारी केवल अपेक्षा करने वाली नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाली और समाज को दिशा देने वाली सशक्त शक्ति के रूप में उभरेगी।