देहरादून: ऑपरेशन कालनेमि के तहत पुलिस की बड़ी कार्रवाई, पटेलनगर कोतवाली पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से भारत में रह रही थी।
ऑपरेशन कालनेमि के तहत दून पुलिस की बड़ी कामयाबी
भारत आने के बाद महिला ने पश्चिम बंगाल के एक व्यक्ति से शादी की। जिसके बाद वो देहरादून आकर रहने लगी। महिला का पति दुबई में नौकरी करता है, जबकि महिला देहरादून में अकेले रहती है।
देहरादून से गिरफ्तार बांग्लादेशी महिला
पुलिस के मुताबिक, उन्हें पटेल नगर कोतवाली क्षेत्र में लोक संस्कृति कॉलोनी में एक बांग्लादेशी महिला के अवैध रूप से रहने की सूचना मिली। जिसके आधार पर पटेल नगर कोतवाली पुलिस लोक संस्कृति कॉलोनी पहुंची। जहां से आरोपी महिला सुबेदा बीबी ,पत्नी कौशर शाह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। महिला देहरादून में अलग-अलग जगहों पर घरों में सफाई का काम करती थी।
फ़र्ज़ी दस्तावेज बना कर रह रही थी भारत में
पूछताछ के दौरान महिला ने अपना असली नाम सुबेदा बेगम निवासी बांग्लादेश बताया। आरोपी महिला के पास से पुलिस को सुबेदा बीबी और मोनी के नाम का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, सुबेदा बीबी, मोनी और प्रिया रॉय के नाम के वोटर आईडी कार्ड, सुबेदा बीवी के नाम से आधार कार्ड, पैन कार्ड और कई अन्य फर्जी भारतीय दस्तावेज बरमाद हुए। साथ ही आरोपी महिला के पास से सुबेदा बेगम के नाम की एक बांग्लादेशी आईडी भी बरामद हुई।
पश्चिम बंगाल में रहने के दौरान महिला ने साल 2022 में कौशर शाह, निवासी, पश्चिम बंगाल से विवाह कर लिया। देहरादून आने के बाद महिला अपने पति की मदद से रुड़की और देहरादून से अलग-अलग नाम से फर्जी भारतीय जन्म प्रमाण पत्र और उसके आधार पर अन्य फर्जी भारतीय दस्तावेज बनवाए।
पटेलनगर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि
गिरफ्तार आरोपी महिला कोरोनाकाल के दौरान अवैध रूप से बॉर्डर क्रॉस कर भारत आई थी। जिसके बाद वो 2 साल तक पश्चिम बंगाल में रही। इसके बाद वो 2 साल पहले अपने पति के साथ देहरादून आकर रहने लगी।



