देहरादून: शीतलहर और तापमान में दिनों दिन गिरावट को देखते हुए देहरादून जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा ने शनिवार को एनआईसी सभागार में शीतलहर की तैयारियों को लेकर बैठक ली।
गिरता पारा, बढ़ती चुनौतियां-जिला प्रशासन अलर्ट पर
अपर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गरीब और बेघर लोगों के लिए प्रमुख सार्वजनिक स्थानों, चौक चौराहों, अस्पतालों एवं बस स्टैंड पर रात्रि में अलाव जलाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बेघरों को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए रैन बसेरों को पूरी क्षमता से संचालित करते हुए गद्दे, कंबल, हीटर जैसी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित करें। जरूरतमंद लोगों को गरम कंबल वितरण किए जाए।
अपर जिलाधिकारी ने अस्पतालों में दवाइयों और मेडिकल स्टाफ की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही शीतलहर के दृष्टिगत गर्भवती महिलाओं का संपूर्ण डाटा रखने को कहा, ताकि आपात परिस्थितियों में उन्हें शीघ्र अति शीघ्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
दूरदराज इलाकों पर फोकस, एडवांस राशन सप्लाई
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बर्फवारी और पालाग्रस्त क्षेत्रों में साइनेज लगाए जाए। बर्फवारी से बाधित सड़कों को खोलने के लिए पर्याप्त संख्या में मैनपावर व मशीनरी का प्लान तैयार रखे। कोई भी सड़क बर्फवारी से अधिक देर तक बाधित न रहे। दूरस्थ गांव क्षेत्रों में एडवांस में खाद्यान पहुंचाया जाए। बिजली, पानी की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक सामग्री के साथ पूरा कंटीजेन्सी प्लान तैयार रखे। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाएं न हो, इसके लिए यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
अपर जिलाधिकारी ने तहसील एवं ब्लाक स्तर पर भी शीतलहर से निपटने के लिए समुचित तैयारियां तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। तहसील स्तर पर राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ कंट्रोल रूम को सक्रिय रखा जाए। आपातकालीन संचालन केंद्रों का हेल्पलाइन नंबरों का प्रचार प्रसार करें। शीतलहर के दृष्टिगत निराश्रित पशुओं के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाए।




