देहरादून: शुक्रवार को मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस – 2025 समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खेल और खिलाड़ियों के योगदान पर जोर देते हुए कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी हॉकी स्टिक से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया और हिटलर तक को भारत की देशभक्ति का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अब वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है और उत्तराखंड भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री के “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रम खेल संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि अब वे केवल भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि जीत और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं।
मुख्यमंत्री ने हाल के उदाहरणों का जिक्र करते हुए कहा कि 2020 टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक और पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक जीता। वहीं, पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत, मनु भाकर ने दो कांस्य और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का परचम बुलंद किया।
देवभूमि बनी खेलभूमि
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजन ने राज्य को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में स्थापित किया। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार 7वां स्थान प्राप्त किया। राज्य में अब विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो चुका है, और उत्तराखंड अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने में सक्षम बन गया है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार किया गया है, जहां इंटरनेशनल प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है।
आठ शहरों में खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी। इन अकादमियों में प्रति वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसके अलावा हल्द्वानी में उत्तराखंड का प्रथम खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित किया जा रहा है।
नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क प्रशिक्षण और शिक्षा तथा प्रतिभावान युवाओं के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ दी जाएंगी। राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ और ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही है।
खिलाड़ियों का सम्मान
समारोह में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल 250 से अधिक खिलाड़ी और प्रशिक्षक लगभग 16 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करेंगे। पेरिस ओलंपिक 2024 के खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये, जबकि शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 3,900 खिलाड़ियों को “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” और 2,199 खिलाड़ियों को “मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना” के तहत छात्रवृत्ति के रूप में लगभग 5.5 करोड़ रुपये प्रदान किए गए।
नई घोषणाएं
सीएम ने एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। साथ ही खेलों में पदक विजेताओं मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
प्रशासन और मंत्री का संदेश
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार की पहल से आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेंगे। समारोह में सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, खेल परिषद उपाध्यक्ष हेमराज बिष्ट, खेल सचिव अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।