देहरादून: धामी कैबिनेट की बैठक हुई समाप्त, बोनस एक्ट समेत 6 प्रस्तावों पर लगी मुहर

Dhami cabinet decisionsDhami cabinet: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार 11 फरवरी को उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट की मत्वपूर्ण बैठक हुई. इस बैठक में 6 अहम फैसलों पर मुहर लगी.

धामी कैबिनेट हुई समाप्त, 6 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

उत्तराखंड सचिवालय में आज मंगलवार को सीएम धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में 6 महत्वपूर्ण फैलसे लिए गए. जिनकी जानकारी सचिव कार्मिक शैलेश बगोली ने दी. इनमें श्रम विभाग, स्वास्थ्य, गृह विभाग, कारागार प्रशासन और दैनिक श्रमिकों से जुड़े निर्णय शामिल हैं.

धामी कैबिनेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर 

  • पेमेंट ऑफ बोनस बिल वापिस, 1965 का बोनस एक्ट फिर से लागू
    श्रम विभाग के तहत पेमेंट ऑफ बोनस बिल को वापस लिए जाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है. बता दें कि, बोनस एक्ट 1965 के तहत कर्मचारियों को बोनस दिया जाता रहा है, लेकिन कोविड काल के दौरान इसमें संशोधन किया गया था. अब संशोधन को समाप्त कर दोबारा 1965 का बोनस एक्ट लागू कर दिया गया है, जिसके तहत कर्मचारियों को फिर से बोनस मिलेगा.
  • ईएसआई डॉक्टरों के लिए नियमावली में संशोधन, 94 नए पद सृजित
    उत्तराखंड ईएसआई नियमावली 2006 में संशोधन किया गया है. इसके तहत कुल 94 पद सृजित किए जाएंगे. इनमें ग्रेड-ए के 11 पद, सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 6 पद और असिस्टेंट डायरेक्टर का 1 पद शामिल है. इन पदों पर चयन मेडिकल सिलेक्शन बोर्ड के माध्यम से किया जाएगा.
  • नारकोटिक ड्रग्स एक्ट के तहत 22 पदों को मंजूरी
    गृह विभाग में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस एक्ट 1985 के अंतर्गत 22 पद सृजित करने पर सहमति बनी है. इन पदों का गठन वर्ष 2022 में किया गया था, जिसे अब स्वीकृति मिल गई है.
  • कारागार विभाग में हैबिचुअल ऑफेंडर की नई व्यवस्था
    उत्तराखंड कारागार नियम 2024 के तहत अब बार-बार अपराध करने वाले अपराधियों को केंद्रीय हैबिचुअल ऑफेंडर की परिभाषा के मुताबिक ही माना जाएगा. इससे जेल प्रशासन को ऐसे अपराधियों की पहचान और निगरानी में सुविधा होगी.
  • दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतन का लाभ
    राज्य में दैनिक श्रमिकों के कुल 893 पद हैं. इनमें से 304 श्रमिकों को पहले न्यूनतम वेतनमान मिल रहा था, जबकि 589 श्रमिक इससे वंचित थे. अब सरकार ने सभी शेष श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतनमान देने का निर्णय लिया है, जिसके तहत उन्हें 18 हजार रुपये वेतन मिलेगा.
  • CMFE योजना जारी रहेगी
    सरकार ने ये भी स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्र सरकार की PMFE योजना संचालित रहेगी, तब तक राज्य में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना (CMFE) भी जारी रहेगी.

इन फैसलों को कर्मचारियों, स्वास्थ्य सेवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है.

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