
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कोविड संक्रमण से बचाव एवं उपचार की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से जारी रखने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि ‘ट्रेस, टेस्ट एण्ड ट्रीट’ नीति कोरोना संक्रमण की रोकथाम में अत्यन्त कारगर सिद्ध हो रही है। इस नीति को पूरी सक्रियता से लागू रखा जाए।
मुख्यमंत्री आज यहां लोक भवन में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि विगत 24 घण्टों में राज्य में कोरोना संक्रमण के 96 नए मामले सामने आये हैं। इसी अवधि में 112 संक्रमित व्यक्तियों को सफल उपचार के बाद डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में राज्य में कोरोना संक्रमण के एक्टिव मामलों की संख्या 1576 है।
मुख्यमंत्री को यह भी अवगत कराया गया कि पिछले 24 घण्टों में प्रदेश में 02 लाख 28 हजार 866 कोरोना टेस्ट किये गये हैं। राज्य में अब तक 06 करोड़ 08 लाख 45 हजार 909 कोरोना टेस्ट किये जा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद सुलतानपुर व सीतापुर में नये केस की संख्या बढ़ी है। इसके दृष्टिगत दोनों जनपदों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भेजी जाए। उन्होंने कहा कि संक्रमितों की टैªवल हिस्ट्री की जानकारी भी प्राप्त की जाए तथा इनके सम्पर्क में आए लोगों की अधिक से अधिक कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण सुविधाजनक ढंग से हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि महिला स्पेशल वैक्सीनेशन बूथ के बारे में अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जाए। बैठक में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश में अब तक कोरोना वैक्सीन की 03 करोड़ 71 लाख 82 हजार से अधिक डोज लगायी जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि आगामी 08 से 10 माह के लिए कार्य योजना तैयार करे, जिससे लोगों को सुविधाजनक ढंग से स्तरीय चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त हो सकंे। उन्होंने कहा कि सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की रंगाई-पुताई, मेडिकल उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए। इसके साथ ही, स्वास्थ्य केन्द्रों में मानव संसाधन की भी समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि सी0एच0सी0/पी0एच0सी0 स्तर पर हेल्थ ए0टी0एम0 की स्थापना करायी जाए। अनेक औद्योगिक संस्थान प्रदेश में हेल्थ ए0टी0एम0 स्थापित करना चाहते हैं। हेल्थ ए0टी0एम0 स्थापित हो जाने से लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी।