राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी बीमारी से उबरने के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव उत्तराखंड के नकोट पहुंचे और कुल देवी माता चंद्रबदनी और क्षेत्रपाल देवता डांडा नागराजा की पूजा अर्चना की। इस दौरान अनिल बलूनी भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि बीमारी से जूझते हुए मैंने कुलदेवी और ईष्ट देव की पूजा कर राजनीतिक गतिविधियां शुरू करने का संकल्प लिया था, जिसे आज से शुरू कर रहा हूं। इस दौरान सांसद बलूनी ने गांव में अपने घर से मेरा बूथ सबसे मजबूत अभियान की शुरुआत की। बलूनी ने अपने घर के दरवाजे पर स्टीकर चिपकाकर अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि वे पिछले डेढ़ साल बीमारी से जूझते रहे लेकिन, कभी भी अपने गांव, अपनी संस्कृति और उत्तराखंड से उनका लगाव कम नहीं हुआ। उत्तराखंड से संपर्क निरंतर बना रहा। बलूनी ने कहा कि मेरा पूरा जीवन उत्तराखंड के लिए समर्पित है। कहा कि बीमारी से लड़ने में जनता की दुआएं मेरे साथ रही हैं। कहा मेरी कुलदेवी मां चंद्रबदनी और क्षेत्रपाल देवता डांडा नागराजा का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ रहा। इस दौरान उनकी पत्नी दीप्ति बलूनी, पुत्र अक्षत व बेटी सौम्या भी साथ रहे। सांसद बलूनी ने गांव में रहने वाली चाची सुलोचना देवी से भी आशीर्वाद लिया। चाची ने उन्हें गले लगाकर दुलार किया। कहा कि भविष्य में भी वे गांव आते-जाते रहें और ग्रामीणों की समस्याओं का भी प्राथमिकता के साथ समाधान करें।



