उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चमोली आपदा के शिकार हुए राज्य के श्रमिकों का पता लगाने के लिए अपने तीन मंत्रियों को मोर्चे पर उतार दिया है। इनमें एक कैबिनेट मंत्री और दो राज्यमंत्री हैं। तीनों मंत्रियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। उन्होंने बताया कि परियोजनाओं मे उत्तरप्रदेश के 70 श्रमिक काम कर रहे थे, जो लापता हैं। लापता श्रमिकों के बारे में जानकारी साझा करने के लिए यूपी सरकार ने हरिद्वार में एक कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात करने वाले मंत्रियों में उत्तरप्रदेश के गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, आयुष राज्यमंत्री धर्मसिंह सैनी और राजस्व व बाढ़ नियंत्रण राज्यमंत्रीविजय कश्यप शामिल हैं। तीनों मंत्रियों ने आपदा प्रभावित क्षेत्र में बचाव एवं राहत कार्यों में यूपी सरकार की ओर से पूरे सहयोग का भरोसा दिया। भेंट के दौरान उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी ने उन्हें खासतौर पर उत्तरप्रदेश के लापता श्रमिकों के बारे में जानकारी जुटाने के लिए भेजा है। उन्होंने चमोली जिले की दोनों परियोजनाओं में काम करने वाले यूपी के सभी मजदूरों के बारे में जानकारी के लिए सभी जिलाधिकारियों को सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यूपी के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को कहा कि लापता श्रमिकों की सूची उत्तराखंड सरकार को जल्द सौंप दी जाएगी। हरिद्वार में स्थापित कंट्रोल रूम में एडीएम स्तर के अधिकारी को तैनात किया गया है, जो उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों से समन्वय कर सूचनाओं को साझा करेंगे। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी यूपी मंत्रियों के सहयोग के आश्वासन पर आभार व्यक्त किया।