
पूर्वांचल के दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी और गाजीपुर के दौरे के बाद आजमगढ़ पहुंचे। उन्होंने लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक बन रहे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। मुजरापुर में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जनपदों के विकास के रास्ते खोलने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को अप्रैल महीने में जनता के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा। प्रयास है कि 31 मार्च तक मुख्य कैरिजवे को तैयार कर लिया जाए। प्रधानमंत्री स्वयं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के मुख्य कैरिजवे को जनता के लिए समर्पित करेंगे। दुनिया देखेगी कि तीन साल से पहले ही जनता को समर्पित कर देंगे। हर एक जिले में औद्योगिक कॉरिडोर बनाया जाएगा। सर्विस लेन और कार्य भी निर्धारित समय पर पूरा कर लिए जाएंगे। इसके साथ ही एक्सप्रेस वे पर ढाई घंटे में लखनऊ और 8 घंटे में दिल्ली के लिए वाहनों का फर्राटा भरना शुरू हो जाएगा। सदर तहसील के मुजरापुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के दीर्घ सेतु के निरीक्षण और समीक्षा के बाद उक्ते घोषणा जनसभा में की तो मौजूद लोगों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। लगभग 10:52 मिनट पर मुख्यमंत्री का चॉपर मुजरापुर में एक्सप्रेस-वे पर बनाए गए हेलीपैड के ऊपर मंडराया। इसके बाद वो सीधे दीर्घसेतु और एक्सप्रेस-वे के निरीक्षण पर चले गए। इस दौरान मीडिया को यहां से दूर रखा गया। निरीक्षण के बाद एक्सप्रेस-वे पर बने काटेज में सीएम ने कार्यों की अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
समीक्षा के बाद वो सीधे मंच पर पहुंचे और जनता से संवाद करना शुरू किया। उन्होंने एक्सप्रेसवे आजमगढ़ के विकास के रास्ते खोलेगा। सिक्सलेन बनने से लोगों को रोजगार मिलेगा और विकास में काफी तेजी आएगी। नौकरी के लिए यहां से बाहर नहीं जाना पड़ेगा। रोजगार के लिए लोग यूपी आएंगे। यूपी विकास के नाम पर जाना जाएगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे देश में विकास का माडल बनेगा। करीब 22,494.66 करोड़ रुपये का पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। पूर्वांचल में विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सूबे की सत्ता पर काबिज होने के बाद लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक सिक्स लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरु करवाया था। इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई 340.824 किमी है। इसे भविष्य में आठ लेन का किया जा सकता है।


