
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि भारत में सनातन काल से ही गौ और गोवंश का विशेष महत्व रहा है। सभी देवी-देवताओं का निवास गौ में माना जाता है। गोवंश प्राचीन काल से ही भारतीय जीवनशैली का हिस्सा रहे हैं। हमारी संस्कृति में गाय को गौमाता कहा जाता है।
गाय के बिना कोई कर्मकांड पूरा नहीं किया जा सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने गो संरक्षण व संवर्धन के लिए कई फैसले लिए हैं। अवैध बूचड़खानों व गोवंश तस्करी को प्रतिबंधित किया है।
मुख्यमंत्री ने अपने आवास पर ‘गो-लोक की ओर’ पुस्तक का विमोचन किया। उन्होंने प्रदेश के लोगों को गोपाष्टमी की शुभकामनाएं दीं। कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोवंश के योगदान देने और गोवंश के प्रति सद्भावना विकसित करने के लिए 22 नवंबर को गोपाष्टमी पर पर प्रत्येक गौशाला में कार्यक्रम किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इनमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बुलाया जाए। इस अवसर पर गोवंश का चिकित्सीय परीक्षण कराया जाएगा। छुट्टा घूम रहे गोवंश को संरक्षित करने का अभियान भी चलाया जाएगा। संरक्षित गोवंश की ईयर टैगिंग तथा टीकाकरण की कार्यवाही की जाएगी।


