
देहरादून- उत्तराखंड के तकरीबन दो लाख सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतनमान के भत्तों का तोहफा 1 फरवरी से मिलने जा रहा है। मकान किराया भत्ता (एचआरए), यात्रा भत्ता (टीए), दैनिक भत्ता (डीए) समेत नए वेतनमान के मुताबिक तय भत्तों के भुगतान के संबंध में वित्त सचिव अमित नेगी ने आदेश जारी किया। राज्य सरकार, निगमों, प्राधिकरणों, परिषदों के नियंत्रण या स्वामित्व वाले आवासों के किराये में चार गुना वृद्धि की गई है। इसे भी आगामी एक फरवरी से लागू माना जाएगा। नई व्यवस्था में स्वैच्छिक परिवार कल्याण भत्ता, प्रतिनियुक्ति भत्ता समेत 15 भत्ते समाप्त किए गए हैं। वहीं पर्वतीय विकास भत्ता, सीमांत विकासखंड भत्ता समेत करीब 12 भत्ते यथावत रखे गए हैं। एचआरए तीन श्रेणियों में तय किया गया है। बी-टू शहरों से संबंधित कार्मिकों के वेतन स्तर का न्यूनतम नौ फीसद एचआरए मंजूर होने के बाद उन्हें न्यूनतम 2500 रुपये और अधिकतम 12 हजार रुपये एचआरए मिलेगा। पुराने वेतनमान की तुलना में उन्हें अब नए एचआरए में न्यूनतम 1150 रुपये से लेकर अधिकतम तीन हजार रुपये की वृद्धि मिलेगी। श्रेणी-सी यानी जिला मुख्यालय वाले शहरों में हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर (रुद्रपुर), अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, टिहरी, गोपेश्वर (चमोली), उत्तरकाशी, चंपावत, रुद्रप्रयाग, काशीपुर, हल्द्वानी, काठगोदाम, भवाली, चकराता, मुक्तेश्वर, रुड़की और मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के कार्मिकों के लिए वेतन स्तर का न्यूनतम सात फीसद एचआरए मंजूर किया गया है। इन कर्मचारियों को न्यूनतम 2100 और अधिकतम 8000 रुपये एचआरए मिलेगा। पिछले एचआरए के तुलना में इस श्रेणी के कर्मचारियों को न्यूनतम 1200 रुपये और अधिकतम दो हजार रुपये बढ़ा एचआरए मिलेगा। अवर्गीकृत श्रेणी के क्षेत्रों के लिए पांच फीसद एचआरए मंजूर किए जाने से संबंधित कार्मिकों को न्यूनतम 1800 रुपये और अधिकतम 7000 रुपये एचआरए मिलेगा।


