रंग ला रहे हैं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के प्रयास, उद्यमियों का बढ़ा उत्तराखंड की ओर रुझान

देहरादून। उत्तराखंड सरकार उत्तराखंड को विकास की ऊंचाइयां देने को आतुर है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत लगातार उद्योगपतियों, फिल्म निर्माताओं, पर्यटन विशेषज्ञों तथा अर्थ विशेषज्ञों से निरंतर सम्पर्क कर रहे हैं ताकि उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाया जाए। राज्य में इसके लिए ‘डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड: इन्वेस्टर्स समिट’ आयोजित की जा रही है जिसमें एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश संंभावित है। अक्टूबर में आयोजित होने वाली इस समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस समिट में विश्व के तमाम अर्थ और उद्योग क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग लेंगे। इसके लिए बेंगलुरु में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने 25 उद्योगपतियों से आमने-सामने बात की। इस अवसर कई अन्य विशेषज्ञ भी उपस्थित थे, जिनके उद्योग उत्तराखंड में चल रहे हैं। देश के नामी उद्योगपतियों को उत्तराखंड में लाने के लिए मुख्यमंत्री कई सार्थक प्रयास कर रहे हैं। इन्हीं में शामिल है 200 निवेशकों के साथ हुई बैठक। बैठक के साथ ही रोड शो भी आयोजित किया गया जिसमें कनार्टक के उद्यमियों की विशेष रुचि थी।
‘डेस्टीनेशन उत्तराखण्ड: इन्वेस्टर्स समिट’ 7 व 8 अक्टूबर को देहरादून में आयोजित की जाएगी। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 अक्टूबर को करेंगे। इसी संदर्भ में कर्नाटक राज्य के उद्यमियों को उत्तराखण्ड में निवेश के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से देश की प्रमुख आईटी सिटी बेंगलुरू में उत्तराखण्ड के उद्योग विभाग द्वारा दो दिवसीय आयोजन किया गया। बुधवार के रोड़ शो में बड़ी संख्या में कर्नाटक के व्यवसाय जगत के लोगों ने भागीदारी की और उत्तराखण्ड में निवेश के प्रति उत्सुकता दिखाई।
ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में उत्तराखण्ड की अच्छी परफोरमेंस रही है। निवेश के लिए आवश्यक सभी औपचारिकताएं आसानी से पूरी की जा सकें, इसके लिए जिला व शासन स्तर पर सिंगल विंडो सिस्टम से ऑन लाईन क्लियरेंस की व्यवस्था की गई है। बिजली की उपलब्धता दूसरे राज्यों की तुलना में अधिक है और वह भी कम दरों पर। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की दिल्ली सहित देश के दूसरे भागों से अच्छी कनेक्टीवीटी है। इसमें और सुधार किया जा रहा है। हवाई सेवाओं में सुधार किया गया है। राज्य में निवेश के लिए 12 सेक्टरों पर फोकस किया गया है। जिनमें फूड प्रोसेसिंग, हॉर्टिकल्चर, हर्बल एवं ऐरोमेटिक, पर्यटन, वेलनेस व आयुष, फार्मास्यूटिकल, ऑटोमोबाइल, सेरीकल्चर व प्राकृतिक फाइबर, आई.टी., नवीनकरणीय ऊर्जा, बॉयोटेक्नालॉजी एवं फिल्म शूटिंग शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड, देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। राज्य की आर्थिक विकास दर वर्ष 2017-18 में 6.79 प्रतिशत रही है जो कि राष्ट्रीय औसत से अधिक है। वर्ष 2017-18 में प्रति व्यक्ति आय 1,73,820 रूपए रही जो कि पिछले वर्ष की तुलना में 16,177 रूपए अधिक है। सेवा क्षेत्र में व्यापक सम्भावनाओं को देखते हुए इस ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, प्रमुख सचिव उद्योग श्रीमती मनीषा पंवार, एमडी सिडकुल श्रीमती सौजन्या, आईटीडीए के निदेशक अमित सिन्हा ने भी उद्यमियों को सम्बोधित कर राज्य में निवेश के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उद्यमियों को जानकारी दी गई कि उत्तराखण्ड में स्टार्टअप नीति बनाई जा चुकी है। राज्य में एमएसएमई नीति, वृहत उद्योग व निवेश नीति, सूचना व संचार प्रौद्योगिकी व इलेक्ट्रोनिक्स नीति लागू है। उत्तराखण्ड में भारत के सिलीकन वैली के लिए व्यापक अवसर उपलब्ध हैं जिनमें इलेक्ट्रोनिक्स विनिर्माण क्लस्टर, इन्क्यूबेशन सेंटर व ग्रामीण बीपीओ की स्थापना शामिल हैं।
इस अवसर पर उद्योग जगत से तिरूपुर एक्सपोर्ट्स एण्ड मैनुफैक्चर्स एसोसियेशन के सचिव बर्थराजा, कृष्ण कुमार, इंटेल के नटराज तिमराजू, आईबीएम इंडिया प्राईवेट लि. के चैतन्य एन. श्रीनिवास, जिंदल नेचर केयर के प्रगुण जिंदल, भोरूका पावर कॉरपोरेशन लि. के सीईओ एस.चन्द्रशेखर, फ्लिपकार्ट इंटरनेट प्राईवेट लि. के संजीव सैडी, ओला एएनआई टेक्नोलॉजी के मोहित शेवाक्रमानी, राजेश एक्सपोर्ट्स के राजेश मेहता व सिद्धार्थ मेहता, मेरिटौर इंडिया के थिमैया, टाटा पावर सोलर के अतुल, जीए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी के गणेशन कल्याण व संतोष कुमार, बायर्न इंटरनेशनल के जॉन कोट्टायिल, आईईएसए की सुश्री सूर्या, महिन्द्रा इलैक्ट्रिक के सतीश राजगोपालन सहित बड़ी संख्या में उद्यमी उपस्थित थे।

 

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