शैली देहरादून- वैसे तो मोमोज नेपाली और तिब्बती सभ्यता से संबंध रखते हैं,लेकिन देहरादून में तिब्बती और नेपाली लोगों के अधिक रहने से मोमोज यहां कि सबसे पसंदिता डिश में से एक है। स्टीम मोमोज, कबाब मोमोज, फ्राइड मोमोज, तन्दूरी मोमोज या फिर वेज-नॉनवेज मोमोज। बीते सालों में देहरादून ने अपने मोमोज में काफी बदलाव देखा है। हो भी क्यों न देहरादून आये और मोमोज न खाए भला ये कैसी बात हुई।
लेकिन, आज बात मोमोज की नही बल्कि उनके अंदर भरे जाने वाली स्टफिंग की करेंगे। देहरादून में अलग-अलग जगह के मोमोज की स्टफिंग की पड़ताल की तो पता चला कि हर एक दुकान में कुछ न कुछ अलग था। वैसे तों पूरे देहरादून में वेज मोमो में सोयाबीन की स्टफिंग तो होती ही है लेकिन कई ऐसी जगह हैं जहां पर लौकी,पनीर,चीज़ की स्टफिंग की जाती है।
आप देहरादून में नाॅन वेज मोमो के अलावा वेज मोमोज के कई वर्जन देख सकते है और इसके अंदर अलग-अलग फिलिंग का लुत्फ भी उठा सकते है और यह सब कहा मिलेंगे इसके लिए हम आपको बताएगें देहरादून के फेमस मोमोज पाॅइट के बारे में। सबसे पहले आप इन जगहों को अपने दिमाग मे बैठा लें। जोशी, सिंग सूप बार, के सी सूप बार, अंगीठी, सिलिगुड़ी ये सभी वह जगहें हैं जहां आपकों देहरादून के बेहतरीन मोमोज मिलेंगे। राजपुर स्थित सिंग सूप बार और के सी सूप बार में आप बेहतरीन मोमोज का स्वाद चख सकते हैं। अगर इनकी फिलिंग की बात करें तो यहां आपकों वेज-नाॅन वेज, पनीर, चीज़ हर प्रकार के मोमो खा सकते है। यह काफी स्वादिष्ठ होते हैं और देहरादून को लोग इस दुकान के फैन है।
वहीं अगर हम जोशी और सिलीगुड़ी के मोमोज की बात करें तो दोनों ही जगहों पर नाॅन वेज मोमो के साथ-साथ वेज में लौकी की स्टफिंग वाले मोमोज मिलते हैं। जहां जोशी घंटाघर में स्थित है तों वहीं सिलीगुड़ी के मोमो आपको क्लेमेंट टाउन में मिलेंगे।
अगर हम अंगीठी की बात करें तो नेहरू कॉलोनी में स्थित इस जगह में आपको अंगीठी में पके मोमोज का स्वाद चखने को मिलेगा। जों कि खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगते है, तो अगली बार जब आप यहां जाये तो ये जरूर ध्यान रखें कि आपकों इन जगहों पर बेहतरीन मोमोज मिल सकते है।
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