
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस की अंतर्कलह के बीच आला कमान ने हरीश रावत को केंद्रीय महासचिव तथा आसाम का प्रभारी बनाकर नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश को करारा जवाब दिया है। डॉ. इंदिरा हृदयेश चाहती थी कि हरीश रावत सारी व्यवस्थाएं छोड़कर सन्यास ले लें और अध्यक्ष प्रीतम सिंह और अन्यों के लिए रास्ता खाली कर दें। लेकिन इसी ऊहापोह के बीच आला कमान ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को केंद्रीय महासचिव तथा सीडब्ल्यूसी में शामिल कर लिया है। सीडब्ल्यूसी कांग्रेस की शीर्ष स्तर की इकाई है। जिसमें 23 राष्ट्रीय नेता शामिल होते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बाद उत्तराखंड के हरीश रावत दूसरे ऐसे नेता हैं जिन्हें इतने बड़े दायित्व से नवाजा गया है। यह राष्ट्रीय स्तर का महत्वपूर्ण दायित्व है। जिन हरीश रावत को उत्तराखंड कांग्रेस और उसके बड़े नेता हाशिये पर डालना चाहते थे, उन्हें आला कमान ने इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देकर सबके मुंह पर करारा तमाचा जड़ा है।
हरीश रावत को राष्ट्रीय महासचिव बनाने के साथ-साथ असम का प्रभारी भी बनाया गया है। हरीश रावत को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में से एक सीपी जोशी के स्थान पर असम का प्रभारी बनाया गया है जबकि सीडब्ल्यूसी मेम्बर के रूप में इन्हें एक बड़ा सम्मान दिया है। इस कमेटी में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, अशोक गहलोत जैसे लोग शामिल है जबकि नई कार्य समिति में तरुण गगोई तथा सिद्धा रमैया को शामिल किया गया है जबकि जनर्दन द्विवेदी, दिग्विजय सिंह, सुशील शिंदे, मोहन प्रकाश, डॉ. कर्ण सिंह व सीपी जोशी की छुट्टी कर दी गई है।
हरीश को मिले इस सम्मान से उनके समर्थकों में भारी खुशी है। अपने लंबे राजनीतिक में पहली बार सीडब्ल्यूसी के मेम्बर बने हरीश रावत अपने इस मनोनयन से काफी खुश है। उन्होंने कहा कि मैं इस फैसले के लिए केंद्रीय आलाकमान का शुक्रगुजार हूं। हमें जो जिम्मेदारी दी गई है मैं उसको निभाने का पूरा प्रयास करुंगा। उत्तराखंड जैसे छोटे प्रदेश का कार्यकर्ता होने के नाते आला कमान ने जो भरोसा जताया है, मैं उसके लिए विशेष आभारी हूं तथा हाईकमान ने मुझे यह सम्मान देकर उत्तराखंड का सम्मान किया है।
सीडब्ल्यूसी में जो अन्य सदस्य हैं उनमें एके एंटनी, अहमद पटेल, मोती ला बोहरा, गुलामनबी आजाद, मलिकार्जुन खडगे, अंबिका सोनी, आनंद शर्मा, कुमारी शैलजा के साथ कार्य समिति में शामिल लोगों में मुकुल वासनिक, अविनाश पांडे, केसी वेणुगोपालन, दीपक बावरिया, तमराध्वज साहू, गैखंगम तथा अशोक गहलोत शामिल गए हैं। इस कार्य समिति से जिन लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है, उनमें पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमेन्द्र सिंह, हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, आस्कर फर्नाडीज तथा श्रीमती मोहसिना किदवई के नाम शामिल है।
आला कमान ने हरीश रावत की क्षमताओं के कारण उन्हें सम्मान दिया है। आला कमान को भरोसा है कि हरीश रावत ही ऐसे व्यक्तित्व हैं जो उत्तराखंड में भाजपा को टक्कर दे सकते हैं। उनके इस मनोनयन पर कांग्रेस भवन में दोपहर मिठाइयां बांटकर जश्न मनाया गया है। वहीं पूरे उत्तराखंड में हरीश समर्थकों में हर्ष की लहर है।