देहरादून। उत्तराखंड में भी जेहादी मानसिकता के अल्पसंख्यक लोग क्या कुछ नहीं कर रहे हैं इसका प्रमाण फरवरी 2015 को एक 12 वर्षीय बालिका का देहरादून से हुआ अपहरण जिसे 19 फरवरी से 10 जुलाई 2015 तक एक जेहादी मानसिकता का मोहम्मद मुनाजिर अपहरण कर बिहार ले गया और वहां उसके साथ लगातार दुष्कर्म होता रहा। इधर बच्ची के मां-बाप पटेलनगर थाने के चक्कर पर चक्कर लगाते रहे। काफी धरना प्रदर्शन के बाद अपराध संख्या 94, 2015 में यह मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन तब भी पुलिस नहीं जागी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अर्द्धनग्न होकर डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसएसपी को चुड़ियां भेंट की गई।

दबाव के बाद ही मोहम्मद मुनाजिर को 11 जुलाई 2015 को गिरफ्तार किया गया। पांच अगस्त 2015 को बिहार में बंधक रही बालिका वापस आई। 4 सितम्बर 2015 को इस मामले का आरोप पत्र स्पेशल जज पोक्सो देहरादून में एसएसटी नंबर 60, 2015 के तहत दर्ज हुआ। लगभग 2 वर्ष बाद आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिली है। न्यायालय द्वारा 50 हजार रुपये के दो जमानती मांगे गए। भाड़े के जमानतियों के बाद जमानत पाते ही आरोपी फरार हो गया। जमानत देने वाल के घर से टूटा-फूटा 2-3 हजार का सामान कुर्क दिखाा गया।

गर्दन फंसती देखकर पटेलनगर पुलिस ने एक लाख रुपये की राशि कोर्ट में जमा करवा दी। आज भी 12 साल की बच्ची आरोपी को फांसी की मांग कर रही है। राष्ट्रीय बजरंग दल ने इस मामले पर 15 अगस्त का समय दिया है। उसके बाद प्रदेश में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। इस संदर्भ में युवा अधिवक्ता अमित तोमर द्वारा उक्त बालिका से बातचीत की गई है। पाठकों की सेवा में प्रस्तुत है इस रेप जेहाद कर वीडियो।

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इस तरह की घटनाओं को हम बढ़ावा नहीं देते लेकिन यह खबर पुष्ट तथा अधिवक्ता अमित तोमर द्वारा लिए गए साक्षात्कार पर आधारित है।

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