
पूजा में दीपक जलाने का अपना एक महत्व है। कहा जाता है कि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। पुराणों कहा गया है कि पूजा में घी और तेल का दीपक जलाना चाहिए। दीपक जलाने का मतलब होता है कि अपने जीवन से अंधकार हटाकर प्रकाश फैलाना। प्रकाश प्रतीक होता है ज्ञान का। इसलिए कहा जाता है कि पूजा में दीपक जलाकर हम अंधकार को अपने जीवन से बाहर करते हैं। दीपक जलाना पूजा करने का एक तरीका भी है। मुख्यत: हिन्दू धर्म में सरसों के तेल या फिर देसी घी में दीपक जलाने का प्रावधान मौजूद है। लेकिन यह दीपक आपके रुके हुए कार्यों और अधूरी इच्छाओं को किस तरह पूरा कर सकता है, यह बहुत ही कम लोग जानते हैं।
आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि हिन्दू धर्म के अंतर्गत दीपक से जुड़े कुछ ऐसे उपाय हैं जिनको अपनाकर आप अपने जीवन को सहज बना सकते हैं। दीपक प्रज्वलित करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है। यहां हम आपको बता रहे हैं पूजा में दीपक जलाने से पहले कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है।
1.पूजा में दीपक जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि दीपक साफ सुथरा होना चाहिए और कहीं से टूटा फूटा ना हो। शास्त्रों में टूटा हुआ दीपक रखना वर्जित माना गया है।
2. दीपक जलाते समय इस बात का ध्यान रखें कि यह पूजा के बीच में बुझे नहीं बल्कि काफी समय तक जलता रहे। कहा जाता है कि पूजा के बीच में दीपक बुझना नहीं चाहिए। इसे शुभ नहीं माना जाता।
3.धार्मिक कार्यों में केवल घी और तेल का दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा किसी भी चीज का दीपक नहीं जलाना चाहिए।
4.पूजा के दौरान इस बात का भी ध्यान रखें कि घी का दीपक जलाने के तुरंत बाद तेल का दीपक नहीं जलाना चाहिए।
5. पूजा में एक दीपक से दूसरा दीपक जलाना भी शुभ नहीं होता। इसलिए हर दीपक को प्रज्जवलित करते समय इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए।