
देहरादून। उत्तराखंड के अधिकारी आम आदमी की भाषा नहीं समझते, उन्हें हंटर की भाषा समझ में आती है। इसका प्रमाण मृतक आश्रित कोटे के मामलों से लिया जा सकता है जहां आम आदमी को केवल कोरा आश्वासन और व्यर्थ की भागदौड़ मिलती है। कुछ चालबाज अधिकारी, कर्मचारी नियुक्ति के नाम पर पैसे भी ठग लेते हैं लेकिन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को की गई शिकायत पर शिक्षा विभाग में एक मृतक आश्रित को नौकरी मिल गई।

यह मृतक आश्रित है जितेंद्र सिंह सामंत जो पिथौरागढ़ धारचूला के रहने वाले है। इनका प्रकरण 27 जून 2017 से विभाग में लंबित था। बार-बार शिकायतों के बाद उन्हें कोई लाभ नहीं मिला तब उन्होंने अपनी समस्या मुख्यमंत्री मोबाइल एप पर दर्ज करा दी । मुख्यमंत्री कार्यालय ने शिकायत का तुरंत संज्ञान लिया और जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को निर्देश दिये कि श्री जितेंद्र सिंह सामंत की मृतक आश्रित की नियुक्ति का तुरंत समाधान किया जाए। जांच के दौरान पता चला की यह प्रकरण अपर निदेशक कार्यालय-माध्यमिक शिक्षा(कुमाऊं मंडल) पिछले 9 माह से लंबित है। जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री कार्यालय ने उक्त मामले में अपर निदेशक माध्यमिक शिक्षा (कुमाऊं मंडल) को शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए। मंडलीय अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा(कुमाऊं मंडल) ने विषय की गम्भीरता को समझते हुए जितेन्द्र सिंह सामंत की शैक्षिक योग्यता देखकर व एम०ए०(अंग्रेजी), बीएड, सीटीईटी प्रमाणपत्र धारक होने पर उन्हें मृतक आश्रित नियुक्ति पत्र- सहायक अध्यापक एलटी अंग्रेजी (अस्थाई) के पद पर राईका नामिक पिथौरागढ़ में नियुक्ति दी गयी है। जितेंद्र सामंत ने इसके लिए मुख्यमंत्री कार्यालय का आभार व्यक्त किया है।



