
एक सैनिक से भी ज्यादा बलिदानी उनके परिजन होते हैं जो देश की सुरक्षा के लिया अपना सहारा पल भर में बलिदान कर देते हैं. साथ ही समाज के लिए मिसाल बन जाते है ऐसी ही घटना अभी हालही में सामने आई है जहां एक सैनिक पत्नी ने आपने सैनिक पति को अंतिम विदाई अपनी पांच दिन की बेटी को गोद में लेकर दी. जी हाँ इस घटना को पढ़ कर किसी की भी आँखों में अंशु आ जायेंगे लेकिन बहादुरी की मिसाल देते हुए मेजर कुमुद डोगरा ने पूरे सम्मान के साथ एक सैनिक होने का भी फर्ज निभाया और अपने पति को अंतिम विदाई दी. शायद मेजर कुमुद डोगरा का नाम किसी ने सुना भी नही होगा लेकिन यह नाम आज देश के लिए एक मिसाल बन चुका है.
बता दें कि मेजर कुमुद डोगरा तो भारतीय सेना में मेजर हैं ही साथ ही उनके पति डी.वत्स भी इंडियन एयरफोर्स में विंग कमांडर थे। 15 फरवरी को असम के मजोली में उनका माइक्रोलाइट हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया था, जिसमें उनकी मौत हो गई थी। यह कुमुद के लिए बहुत बुरी खबर थी। इससे भी बुरी खबर उस बच्ची के लिए थी जो अपने पिता की गोद का साया पाने से महरूम रह गया थी। आपको जानकर दुख होगा कि जिस वक्त वत्स की हादसे में मौत हुई उस वक्त उनका बेटी महज चार दिन की थी।
कुमुद के लिए पति का जाना किसी गहरे सदमे से कम नहीं है लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और वह जानती थीं कि एक फौजी को किस तरह से विदा किया जाता है और एक फौजी को इस दौरान कैसा बर्ताव करना चाहिए। वह अपने पति के अंतिम रस्म निभाने के लिए खुद पूरी फौजी वर्दी में अपने पांच दिन की बेटी को हाथ में लिए अपने पति को अंतिम विदाई देने पहुंची थीं। इस दौरान उनके साथ उनके करीबी भी मौजूद थे।