
ज्योतिषों की मानें तो शिवरात्रि सनातन धर्म में प्रमुख त्यौहार है जो कि फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष में चतुर्दशी को आता है। इस दिन भगवान शंकर का विवाह मातापार्वती के साथ हुआ था. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि सृष्टि का आरंभ इसी दिन से हुआ था और सृष्टि के प्रारंभ में इसी दिन मध्यरात्रि भगवान शंकर का ब्रह्मा से रुद्र के रूप में अवतरण हुआ था. इस दिन भगवान शिव की पूजा आराधना का विशेष महत्व है … कहा जाता है कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव मानवजाति के काफी समीप आ जाते हैं और ऐसे में इस दिन की उनकी पूजा अराधना की विशेष कृपा मिलती है.
कहा जाता है कि इस दिन भोले की पूजा और आराधना करके मनचाही मुराद पूरी हो जाती है परंतु कोई व्यक्ति व्रत नही रख सकता तो शिवलिंग पर जल अभिषेक के साथ इन मंत्रो का जाप करे तो सोई हुई किस्मत जाग उठेगी और जीवन की सभी परेशानिया दूर हो जायेंगी.
अगर आप धन-सम्पदा की प्राप्ति के उद्देश्य से शिवरात्रि पूजन कर रहे हैं तो महाशिवरात्रि के दिन शिवजी की अर्चना करने के बाद नीचे दिए गये मन्त्र की दस माला का जाप करें।
- मन्त्र – ऊं श्रीं ऐं ऊं
- हे गौरि शंकरार्धांगि यथा त्वं शंकरप्रिया। तथा मां कुरु कल्याणी कान्तकांता सुदुर्लभाम
महाशिवरात्रि के दिन बेल पत्र, भांग, धतूरा चढ़ाने के साथ इस मन्त्र का जाप करें।
- ऊं साम्ब सदा शिवाय नमः
- पत्नी मनोरमां देहि मनोवृत्तानु सारिणीम्। तारिणीं दुर्गसंसार सागरस्य कुलोद्भवाम्।