बड़ी खबर : देश में पिछले लम्बे अरसे से चले आ रहे अयोध्या राम मंदिर मसले का कोई समाधान ढूंढने के लिए आर्ट आॅफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। वहीं दूसरी ओर देवबंद के मौलाना ने हिन्दुओ के पवित्र तीर्थ ब्रदीनाथ धाम पर दावा ठोक दिया है। मौलाना ने बद्रीनाथ को बद्रीशाह बताकर हड़कंप मचा दिया है।
हिंदुओं के पवित्र तीर्थ स्थल बद्रीनाथ धाम को लेकर देवबंद के मदरसा दारूल-उलूम निशवाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा है कि बद्रीनाथ धाम मुसलमानों का बदरूद्दीन शाह है! मौलाना ने पीएम नरेन्द्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से इसे मुसलमानों सौंपने की मांग की है!दरसल उत्तराखंड के रक्षा अभियान दल ने एक बयान जारी कर कहा था कि बद्रीनाथ धाम में गोमूत्र और गंगाजल पीने वाले मुसलमान ही रह सकते हैं! जो ऐसा नहीं कर सकते वे बद्रीनाथ छोड़ दें! इसी के जबाब में देवबंद के मौलाना ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और मदरसा दारुल उलूम निशवाह के मौलाना अब्दुल लतीफ कासमी ने कहा है कि उलेमा ने कहा है कि इतिहास ना मालूम होने की वजह से ये फिजूल की बकवासबाजी कर रहे हैं। असली बात तो यह है कि बद्रीनाथ धाम बद्रीनाथ नहीं है वो तो बदरूद्दीन शाह है। उलेमा ने कहा कि यह स्थान कायदे में तो मुसलमानों का धार्मिक स्थल है। इसे मुसलमानों के हवाले कर देना चाहिए, क्योंकि यह स्थान बदरूद्दीन शाह है। उलेमा ने यह भी कहा कि नाथ लगाने से कोई हिन्दू नहीं हो जाता। यह तंजीम पहले इतिहास उठाकर देखे। वह मुसलमानों का धार्मिक स्थल है!
मौलाना अब्दुल लतीफ़ के बद्रीनाथ पर दिए गए बयान पर हिन्दू संगठनो ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनसे इस मामले पर माफ़ी माँगने को कहा है। वहीँ हिन्दू संगठनो का कहना है कि मिडिया सुर्खियों में बने रहने के लिए मौलाना इस तरह की बेतुकी बयानबाजी कर रहे है।