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देश में क्षत्रियों की एकता के आगे, फिल्म पद्मावती पर छाए संकट के बादल

देश में राजपूतो की एकता के आगे निर्देशक संजय लीला भंसाली की चर्चित फिल्म पद्मावती की रिलीज होने पर यूपी, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, बिहार समेत देश के कई राज्यों में फिलहाल संकट खड़ा हो गया है। देश भर में राजपूतो ने फिल्म पद्मावती की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन छेड़ा हुआ है। यंहा तक कि फिल्म बैन करने की मांग करते हुए राजपूत करणी सेना के संरक्षण लोकेंद्र सिंह कालवी ने एक दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है।
                                                                  यूपी सरकार ने लिखी केंद्र को चिठ्ठी
यूपी सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखकर कहा है कि एक दिसंबर को फिल्म रिलीज होने से शांति व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। उसी दिन प्रदेश में निकाय चुनाव की मतगणना और बारावफात का त्यौहार है। प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया है कि वह पद्मावती फिल्म की कथावस्तु एवं ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किए जाने से व्याप्त जनाक्रोश एवं जनभावनाओं से सेंसर बोर्ड को अवगत कराएं।
फिल्म के खिलाफ राजपूतो का  देशभर में आंदोलन 
दरअसल, राजपूत समाज ने इसे परंपरा और संस्कृति पर हमला करार देते हुए फिल्म के रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। वंही हरियाणा की ‘महाराणा प्रताप राजपूत सेवा समिति’ के प्रदेश अध्यक्ष किशन ठाकुर ने जिला उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री मनोहरलाल सहित अन्य मंत्रियों को ज्ञापन भेजकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
फिल्म पद्मावती को लेकर सबसे पहले विरोध के सुर मुखर करने वाली करणी सेना अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। फिल्म बैन करने की मांग करते हुए राजपूत करणी सेना के संरक्षण लोकेंद्र सिंह कालवी ने एक दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। कालवी ने जयपुर के राजपूत सभा भवन में पत्रकार वार्ता में कहा कि अगर एक दिसंबर की तारीख आती है, तो फिल्म निर्माताओं को बहुत कुछ सहन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे राजपूतों के त्याग व शौर्य और इस फिल्म के खिलाफ जनजागरण के तहत विभिन्न राज्यों में दौरे कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि  उन्हें देशभर से विभिन्न समुदायों का फिल्म के विरोध को लेकर समर्थन मिल रहा है। कालवी ने कहा कि वे दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश आदि राज्यों में आने वाले दिनों में दौरे करेंगे और भारत बंद को लेकर जन समर्थन जुटाएंगे।
पद्मावती फिल्म की कहानी
इस फ़िल्म में चित्तौड़ की प्रसिद्द राजपूत रानी पद्मिनी का वर्णन किया गया है जो रावल रतन सिंह की पत्नी थीं। यह फ़िल्म दिल्ली सल्तनत के तुर्की शासक अलाउद्दीन खिलजी का 1303 ई. में चित्तौड़गढ़ के दुर्ग पर आक्रमण को भी दर्शाती है। फिल्म पद्मावती के अनुसार, चित्तौड़ पर अलाउद्दीन के आक्रमण का कारण रानी पद्मिनी के अनुपन सौन्दर्य के प्रति उसका आकर्षण था। अन्ततः 28 जनवरी 1303 ई. को सुल्तान चित्तौड़ के क़िले पर अधिकार करने में सफल हुआ। राणा रतन सिंह युद्ध में शहीद हुये और उनकी पत्नी रानी पद्मिनी ने अन्य स्त्रियों के साथ आत्म-सम्मान और गौरव को मृत्यु से ऊपर रखते हुए जौहर कर लिया।
संजय लीला भंसाली की नई फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. फिल्म का विरोध न केवल करणी सेना जैसे संगठन कर रहे हैं, बल्कि बीजेपी और कांग्रेस के कुछ विधायक और सांसद भी विरोध को हवा दे रहे हैं.
  • दीपिका लेक्चर न दें : बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने फिल्म की लीड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण पर निशाना साधते हुए कहा है, ‘अभिनेत्री दीपिका पादुकोण हमें पिछड़ेपन को लेकर लेक्चर दे रही हैं! यह देश तभी विकास कर सकता है, जब उनकी नजर में वह पीछे जा रहा हो.’ इस बीच दीपिका पादुकोण ने कहा है कि फिल्म को रिलीज होने से कुछ भी नहीं रोक सकता है.
  • प्रिंट जला दें : विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के नेता आचार्य धर्मेन्द्र ने फिल्म पद्मावती में इतिहास के साथ की गई कथित छेड़छाड़ के मामले पर तीव्र रोष व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म पद्मावती के सारे प्रिंट जला दिए जाने चाहिए और निर्माता/निर्देशक संजय लीला भंसाली पर मुकदमा चलाना चाहिए.
  • मूल समस्याओं पर ध्यान दें: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोमवार को कहा कि फिल्म पर विवाद राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान देने का एक मौका है और शिक्षा ‘घूंघट’ या सिर पर पर्दे से ज्यादा महत्वपूर्ण है. थरूर ने ट्वीट कर कहा, ” ‘पद्मावती’ विवाद आज राजस्थानी महिलाओं की स्थिति पर ध्यान केंद्रित करने का एक मौका है, न कि छह शताब्दी पुरानी महारानियों पर ध्यान केंद्रित करने का. राजस्थान की महिला की साक्षरता दर सबसे कम है. शिक्षा ‘घूंघट’ से ज्यादा जरूरी है.”
  • माफी मांगें : पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा है कि ऐतिहासिक तथ्यों से कथित तौर पर छेड़छाड़ करने पर ‘पद्मावती’ के निर्माता माफी मांगें. उन्होंने कहा कि फिल्म में रानी पद्मावती (पद्मिनी) के चरित्र से छेड़छाड़ की गई है. संजय लीला भंसाली की फिल्म ‘पद्मावती’ शुरू से ही विवादों में रही है.

पद्मावती फिल्म को लेकर विवाद का दौर जारी है. इसकी रिलीज डेट एक दिसंबर है. अब देखने वाली बात होगी कि फिल्म तय समय पर रिलीज हो पाती है या नहीं.

Vision Desk 3
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