उत्तराखंड जल संस्थान ने जल संचय-जल संरक्षण दिवस पर नई पहल की है। इस पहल के तहत संस्थान ने 20 लाख तक की आबादी वाले देहरादून जिले में टॉयलेट के माध्यम से हर दिन करीब 60 लाख लीटर पीने योग्य पानी बचाएगा। इसके लिए प्लास्टिक की बोतलों में रेत भरकर उन्हें टॉयलेट के फ्लशिंग सिस्टम में डाला जाएगा।

अब जल संस्थान ने ‘जल संचय-जल संरक्षण’ अभियान के तहत एक लीटर क्षमता वाली खाली बोतलें एकत्रित करके बोतल को जल संस्थान की ओर से रेत से भरा जा रहा है। विभाग जागरुकता अभियान चलाया जायेगा और इन बोतलों को लोगों से अपने टॉयलेट के फ्लशिंग सिस्टम में डालने की अपील भी की जाएगी।
एक लीटर की ये बोतल जब सिस्टम में डाली जाएगी तो उसमें एक लीटर पानी कम आएगा। जब व्यक्ति टॉयलेट के बाद फ्लश करेगा तो एक बार में एक लीटर पानी की बचत होगी।
इसी तरह से करीब 20 लाख की आबादी वाले जिले में एक दिन के भीतर 60 लाख लीटर बचाया जा सकेगा।
जल संस्थान के आंकड़ों के अनुसार देहरादून जिले में औसतन एक व्यक्ति दिन में कम से कम तीन बार टॉयलेट का इस्तेमाल करता है। एक बार टॉयलेट यूज करने के बाद फ्लश करने पर पांच से दस लीटर पानी बर्बाद हो जाता है।


