लंबे समय बाद निगम टीम अतिक्रमण व अवैध होर्डिग के विरुद्ध कार्रवाई करने को शहर में जा रही है, मंगलवार को भी कर अधीक्षक विनय प्रताप जेब्रा फोर्स व जेसीबी समेत चकराता रोड पहुंचे। यहां टीम ने दुकान के बाहर लगे बोर्ड उतारने शुरू किए तो व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया। निगम की टीम के साथ पुलिस फोर्स भी मौजूद नहीं थी, लिहाजा निगम टीम भी बैकफुट पर आ गई।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि निगम टीम बिना नोटिस कार्रवाई कर रही। इस दौरान भूमि कर अधीक्षक ने व्यापारियों को दो दिन का नोटिस देते हुए खुद ही अवैध बोर्ड हटाने को कहा। साथ ही चेतावनी भी दी कि यदि इस अवधि में बोर्ड नहीं उतारे गए तो निगम टीम कार्रवाई करेगी।
अब सवाल यह उठता है की चाहे चकराता रोड ही या शहर का सबसे व्यस्त बाज़ार पलटन बाज़ार हो, राहगीरों के चलने के लिए कही भी कोई पैदल मार्ग नहीं है, पलटन बाज़ार में भी सभी व्यापारियों ने जनता के अधिकारों का हनन करते हुए अपनी दुकान का सामान फुटपाथ पर सजाया हुआ है. ऐसे में प्रदेश की व्यवस्था पर सवालिया निशान लगना कुछ गलत तो नहीं होगा ?




