लोहाघाट : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘आदर्श चम्पावत’ विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में लोहाघाट और आसपास के क्षेत्रों के सुनियोजित विकास की बड़ी पहल शुरू हो गई है। लोहाघाट नगर पालिका, कोलीढेक, कालीगाँव, पाटन-पाटनी और पऊगांव क्षेत्र के लिए तैयार किए गए प्रस्तावित मास्टर प्लान-2041 के प्रारूप पर जनसुझाव और आपत्तियां लेने के लिए नगर पालिका सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
लोहाघाट मास्टर प्लान-2041 पर जनता से मांगे गए सुझाव
बैठक में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मास्टर प्लान का उद्देश्य क्षेत्र का संतुलित, वैज्ञानिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस योजना से कृषि और बागवानी गतिविधियों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही आपदा की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षित और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा मिलेगा।
30 जुलाई तक आपत्तियां करा सकते हैं दर्ज
डीएम ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को मास्टर प्लान को लेकर कोई सुझाव या आपत्ति है तो वह 30 जुलाई 2026 तक जिला मुख्यालय, संबंधित तहसील या विकासखंड कार्यालय में अपना लिखित सुझाव दे सकता है। प्राप्त सभी सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और जनहित में आवश्यक संशोधन भी किए जाएंगे। नगर पालिका अध्यक्ष गोविन्द वर्मा ने कहा कि इस मास्टर प्लान के जरिए लोहाघाट को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और आदर्श नगर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है।
पालिकाध्यक्ष ने लोगों से सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने सुझाव देने की अपील की। बैठक में मास्टर प्लान के कंसलटेंट अहराद खान ने बताया कि प्रस्तावित योजना में आधुनिक सड़कें, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, ड्रेनेज सिस्टम, एसटीपी, पर्यटन विकास, पर्यावरण संरक्षण, नदी संरक्षण और अन्य आधारभूत सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिससे क्षेत्र का समग्र और टिकाऊ विकास सुनिश्चित हो सके।
[…] Source link […]