खटीमा : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज एक अलग ही अंदाज में नजर आए। सत्ता के गलियारों से निकलकर मुख्यमंत्री अपने पैतृक खेतों में पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी माता जी के साथ खेती-किसानी के कार्यों में हिस्सा लिया। खेत की जुताई से लेकर खाद डालने तक मुख्यमंत्री ने किसानों की मेहनत को करीब से महसूस किया।
खेत की जुताई की और खाद भी डाली
मुख्यमंत्री ने खेत की जुताई की और फसलों के लिए खाद भी डाली।खेतों में काम करते हुए मुख्यमंत्री भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि खेती करते समय उनके बचपन और संघर्ष के दिनों की यादें ताजा हो गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेतों से उनका पुराना जुड़ाव रहा है और आज भी मिट्टी की खुशबू उन्हें अपने अतीत से जोड़ देती है।
खटीमा में CM धामी का अलग अंदाज
मुख्यमंत्री ने किसानों को देश की खाद्य सुरक्षा का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि अन्नदाता केवल लोगों का पेट भरने का काम नहीं करते, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन मूल्यों को भी आगे बढ़ाते हैं।उन्होंने कहा कि किसानों का परिश्रम, त्याग और समर्पण राष्ट्र निर्माण की नींव है। मुख्यमंत्री ने सभी किसानों को नमन करते हुए उनके योगदान को अतुलनीय बताया।
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