हरिद्वार : हरिद्वार की लक्सर पुलिस और सीआईयू रुड़की ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को CSC सेंटरों और पेट्रोल पंपों के खातों के जरिए ठिकाने लगाने का काम करता था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक लाख अड़तालीस हजार रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
CSC सेंटरों के खातों से साइबर ठगी की रकम खपाने वाला गिरोह बेनकाब
रुड़की तहसील परिषद स्थित कार्यालय में घटना का खुलासा करते हुए एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि लक्सर पुलिस, साइबर सेल और सीआईयू की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सहारनपुर निवासी अंकित चौहान और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी विशेष APK फाइलों और अन्य साइबर माध्यमों से लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी करते थे। पुलिस के मुताबिक ठगी से प्राप्त रकम सीधे CSC सेंटरों के बैंक खातों में डलवाई जाती थी। इसके बाद आरोपी CSC संचालकों से नकद रकम लेकर विभिन्न CDM मशीनों के जरिए अपने साथियों के खातों में जमा कराते थे।
नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस
इस प्रक्रिया से ठगी की रकम की लेयरिंग कर उसकी वास्तविक ट्रेल को छिपाया जाता था। दाबकी कला निवासी दो CSC संचालकों ने पुलिस को शिकायत दी।आरोपियों ने एक व्यक्ति से गाड़ी का चालान कटने और दूसरे से पिता के कैंसर का इलाज कराने का बहाना बनाकर 91 हजार और 80 हजार रुपये नकद ले लिए। बाद में उनके खातों में संदिग्ध माध्यम से रकम जमा कराई गई और खाते फ्रीज हो गए। शिकायत के बाद पुलिस ने फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों से 1 लाख 48 हजार रुपये नकद,एक POCO मोबाइल फोन और कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

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