
माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के कथित अपमान की घटना को लेकर पंचायती निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान पर संत समाज में आक्रोश
माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान पर संत समाज में आक्रोश देखने को मिल रहा है। पंचायती निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि देश इस समय सनातन धर्म के स्वर्णिम काल से गुजर रहा है और ऐसे समय में शंकराचार्य जैसे पूज्य संत के साथ अपमान की घटना होना अत्यंत गंभीर अपराध है।
स्वामी आदि योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये अपराध किसी भी स्थिति में क्षम्य नहीं है और जिसने भी ये कृत्य किया है, उसे निश्चित रूप से कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी साधु-संत के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।
दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
महामंडलेश्वर स्वामी आदि योगी ने कहा कि इससे पूर्व महाराष्ट्र में भी साधु समाज के साथ ऐसी ही घटना हुई थी, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था और जनता का खून खौल उठा था। उन्होंने कहा कि वर्तमान घटना भी उसी श्रेणी की है और संत समाज इसे किसी एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि पूरे साधु-संत समाज पर हमला मानता है।
संत समाज आज एक स्वर में मांग कर रहा है कि इस मामले में तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई की जाए। ताकि समाज में ये संदेश जाए कि सनातन परंपरा और संतों के सम्मान से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



