Rudraprayag: जिले के अगस्तमुनि ब्लॉक में प्रस्तावित स्टेडियम निर्माण के विरोध में बीते 15 दिनों से चल रहा जन आंदोलन साल 2026 के पहले दिन एक बार फिर तेज हो गया। पुलिस की मौजूदगी के बाद भी अगस्तमुनि मैदान में माहौल गरमा गया। पुलिस की ओर से जारी नोटिस के चलते आंदोलनरत ग्रामीणों को साल के पहले दिन थाने जाना पड़ा और पुलिस को स्पष्टीकरण देना पड़ा।
Rudraprayag: साल के पहले दिन थाने में हाजिर हुए आंदोलनकारी
बता दें कि पुलिस ने आंदोलन में शामिल करीब दर्जनभर लोगों को अलग-अलग धाराओं में नोटिस जारी किए गए हैं। जिसके बाद नोटिसों को लेकर पुलिस के बुलाने पर सभी आंदोलनकारियों को साल के पहले दिन थाने में मौजूद होना पड़ा। जहां एक ओर नववर्ष पर अगस्त्यमुनि मैदान में सफाई अभियान आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर स्टेडियम निर्माण के विरोध में आंदोलनकारी थाने पहुंचकर विरोध दर्ज कराते नजर आए। आंदोलनकारी त्रिभुवन चौहान ने कहा कि सरकार की ये कार्रवाई निंदनीय है और आंदोलन को दबाने के लिए उनके ऊपर झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि खेल विभाग के अधिकारियों के इशारे पर आंदोलन को दबाने और आमजनों को डरने की कोशिश की जा रही है। साथ ही अन्य आंदोलनकारियों ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर जनप्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहते हुए भी ऐसे कार्यों की अनुमति देते हैं, तो उनकी जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। आंदोलनकारियों ने केदारनाथ विधायक, जिला प्रशासन और भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
सरकारी कार्य में बाधा के आरोप में नोटिस, क्षेत्र में बढ़ा तनाव
सरकारी कार्य को प्रभावित करने और लोक सेवा में बाधा डालने के आरोपों के तहत पुलिस ने बीएनएस की धारा 132, 115, 221 और 351 के अंतर्गत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। इसी कड़ी में त्रिभुवन चौहान, राजेश बेंजवाल, शेखर नौटियाल, योगेश बेंजवाल, अनिल बेंजवाल, विपिन रावत, दीपक बेंजवाल, भूपेंद्र बेंजवाल, उमा कैंतुरा, दीपा आर्य, रमेश आर्य और केशव अग्रवाल को नोटिस जारी किए गए हैं। इस बीच, क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। वहीं दूसरी ओर, आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया है कि वे स्टेडियम निर्माण के विरोध में अपना आंदोलन आगे भी जारी रखेंगे, जिससे प्रशासन की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
अगस्त्यमुनि मैदान को लेकर ग्रामीणों का विरोध, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों का कहना है कि अगस्त्यमुनि मैदान मुनि महाराज और अगस्त्य ऋषि से जुड़ा एक पवित्र, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल है। वर्षों से इस मैदान में धार्मिक अनुष्ठान, मेले और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते आ रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि बिना स्थानीय लोगों की सहमति के इस ऐतिहासिक स्थल पर निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कारण ग्रामीणों ने मैदान में हो रहे निर्माण कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लगाने की मांग उठाई है।
उनका कहना है कि यदि यहां स्टेडियम का निर्माण किया गया, तो इससे न तो स्थानीय युवाओं को लाभ मिलेगा और न ही क्षेत्र के लोगों को कोई सीधा फायदा होगा। बल्कि, बाहरी लोगों का कब्जा बढ़ने की आशंका जरूर बनी रहेगी। ऐसे में लगातार अगस्त्यमुनि मैदान में स्टेडियम निर्माण का विरोध किया जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार और जिला प्रशासन ने जबरन निर्माण कार्य आगे बढ़ाया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

