नैनीताल: जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल ने अवैध निर्माण और गैरकानूनी रूप से खरीदे छोटे भूखंडों पर सख्ती बढ़ा दी है। नियमों की अनदेखी की तो सम्पति हो सकती है ध्वस्त, प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ला ने जानकारी देते हुए बतया कि शासन के आदेश के बाद नैनीताल ज़िले में पिछले एक वर्ष के भीतर 100 वर्ग गज से छोटे भूखंडों की बड़े स्तर पर जांच की गई। इन भूखंडों पर स्टाम्प पेपर पर हुई खरीद–फरोख़्त की वैधता की जांच के लिए ज़िला विकास प्राधिकरण द्वारा सर्वे अभियान चलाया गया था।
जिला विकास प्राधिकरण नैनीताल ने भू-खंडों की खरीद पर बड़ाई सख्ती
नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ला के अनुसार इस अभियान के दौरान एक हज़ार से अधिक मकानों का विस्तृत सर्वे किया गया। सर्वे की रिपोर्ट में कई गड़बड़ियां सामने आने के बाद प्राधिकरण ने कानूनी रूप से कार्रवाई शुरू की। प्राधिकरण ने लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना स्वीकृत नक्शे, बिना वैध रजिस्ट्रेशन और नियमों को किनारे कर की गई खरीद-फरोख़्त में भू-स्वामियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
नियमों की अनदेखी पढ़ सकती है भारी, सम्पति ध्वस्त की जा सकती है
कई मामलों में सम्पति ध्वस्तीकरण तक की नौबत आ सकती है। इसलिए भविष्य में इस तरह के किसी भी खरीद-फरोख्त के लिए नियमों को अछि तरह से पढ़ लें। प्राधिकरण के सचिव विजय नाथ शुक्ला ने ये भी बताया कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण इस अभियान को और तेज करेगा ताकि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैल रही अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाई जा सके। इसके लिए ज़िला प्रशासन, तहसील और राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर आगे की कार्रवाइयां जारी रहेंगी। प्राधिकरण का कहना है कि यह कार्रवाई न केवल अनियमित निर्माण को नियंत्रित करने के लिए है, बल्कि क्षेत्र में सुव्यवस्थित विकास और सुरक्षित आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




