Monday, March 2, 2026
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हिमाचल में आफत बनी बारिश: 482 सड़कें ठप, स्कूल-कॉलेज बंद, 303 की मौत – लोगों का जीना हुआ दुश्वार

हिमाचल प्रदेश में बारिश का तांडव जारी है. भारी बारिश को देखते हुए शिक्षण संस्थान बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं.

शिमला/कांगड़ा: हिमाचल प्रदेश में मानसून ने कहर बरपा रखा है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन के चलते जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। सड़कों के टूटने से जहां किसान और बागवान परेशान हैं, वहीं कई परिवार बेघर हो गए हैं। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि प्रशासन ने प्रदेश के कई जिलों में शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश दिए हैं। उधर, मौसम विभाग ने एक बार फिर 25 और 26 अगस्त के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

482 सड़कें और 2 नेशनल हाईवे बंद

भारी बारिश से प्रदेश भर में 482 सड़कें पूरी तरह बाधित हैं। इनमें से अकेले मंडी जिले में 245, कुल्लू में 101, चंबा में 82, कांगड़ा में 21 और अन्य जिलों में भी कई मार्ग बंद हैं। दो नेशनल हाईवे – कुल्लू और चंबा जिलों में – अभी भी बंद पड़े हैं। इससे गांवों का मुख्य सड़कों से संपर्क टूट गया है।

अब तक 303 मौतें, 360 लोग घायल

20 जून से 24 अगस्त 2025 के बीच हिमाचल में बारिश के चलते 303 लोगों की जान जा चुकी है और 360 से अधिक घायल हुए हैं। 37 लोग अब भी लापता हैं। इस आपदा में 317 पक्के और 367 कच्चे मकान पूरी तरह ध्वस्त, जबकि हजारों अन्य को आंशिक नुकसान पहुंचा है। साथ ही 465 दुकानें और फैक्ट्रियां भी प्रभावित हुई हैं।

2.34 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन में हिमाचल को अब तक ₹2,34,862.66 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। विभागवार नुकसान कुछ इस प्रकार है:

  • कृषि विभाग: ₹1145.27 करोड़

  • बागवानी विभाग: ₹2743.47 करोड़

  • PWD (लोक निर्माण विभाग): ₹131079.7 करोड़

  • बिजली विभाग: ₹13946.69 करोड़

इन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए 25 अगस्त को कई जिलों में शिक्षण संस्थान बंद रखे गए हैं। इनमें बिलासपुर, कुल्लू, मंडी (सरकाघाट, पद्धर, बालीचौकी, करसोग), ऊना, कांगड़ा और हमीरपुर शामिल हैं।

इंदौरा में हालात गंभीर, 11 लोगों का रेस्क्यू

कांगड़ा जिले के इंदौरा क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हो गए थे। NDRF की टीम ने 11 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। राहत कार्य में विधायक और एसडीएम ने खुद मोर्चा संभाला। राधा स्वामी सत्संग भवन, बडूखर में राहत कैंप बनाया गया है जहां लोगों को सुरक्षित ठहराया जा रहा है।

नदी-नाले उफान पर, पौंग डैम का जलस्तर खतरे के करीब

लगातार बारिश से नदी-नाले और डैम उफान पर हैं। पौंग डैम का जलस्तर 1384.61 फीट तक पहुंच चुका है, जबकि पानी की आमद 1.46 लाख क्यूसेक से ऊपर जा चुकी है।

कुल्लू की महिलाएं जान जोखिम में डालकर पार कर रहीं नाले

कुल्लू जिले की लग घाटी में 17 अगस्त को बादल फटने के बाद 6 पंचायतों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। पुल बह जाने से महिलाएं पीठ पर राशन और सिलेंडर लादकर उफनते नालों को पैदल पार कर रही हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से कम से कम सुरक्षित पैदल रास्ते बहाल करने की मांग की है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

प्रशासनिक स्तर पर सभी जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एसडीएम, पुलिस, NDRF और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत और बचाव कार्य में जुटे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

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