मसूरी: पुरी की तर्ज पर उत्तराखंड के मसूरी में भगवान श्री जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली गई। मधुबन आश्रम ऋषिकेश के तत्वावधान में आयोजित इस वार्षिक धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। सनातन धर्म मंदिर से शुरू होकर यात्रा लक्ष्मी नारायण मंदिर तक निकाली गई, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से रथ की रस्सी खींचकर प्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर नृत्य किया। पूरा वातावरण ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारों से गूंज उठा।
संतों ने बताया रथ यात्रा का महत्व
आयोजन से पूर्व सभा में मधुबन आश्रम के संत परमानंद दास और बिस्मेंदर दास महाराज ने रथ यात्रा के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने इसे आत्मा और परमात्मा के मिलन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि रथ की रस्सी खींचना एक पुण्य कर्म है, जो भक्तों को मोक्ष की ओर ले जाता है।
जनप्रतिनिधियों ने भी लिया भाग
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी और भाजपा मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने भी रथ यात्रा में भाग लिया और रथ की रस्सी खींचकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिकता, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए थे। ट्रैफिक, सफाई और सुरक्षा के लिए यात्रा मार्ग पर बैरिकेडिंग की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो।

आध्यात्मिकता और संस्कृति का संगम
यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी, बल्कि मसूरी जैसे पर्यटन स्थल पर संस्कृति और सौहार्द की मिसाल भी पेश की। श्रद्धालुओं के अनुसार, यह आयोजन उन्हें आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।

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