
भारतीय महीना तीन साल में एक बार अधिक मास से पूरा होता है। वर्ष 2018 में इस बार दो ज्येष्ठ मास होंगे। जिन्हें पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु, भगवान कृष्ण और भगवान राम यानि भगवान विष्णु के स्वरूपों की उपासना की जाती है। अधिक मास (मल मास) का वैष्णव सम्प्रदाय में अधिक महत्व है। वैष्णव मंदिरों में 30 दिन उत्सव का माहौल रहेगा। अधिक मास में भगवान कृष्ण के कुछ छोटे-छोटे उपाय से कई लाभ पाए जा सकते हैं। इस महीने में अगर आपने लगातार 21 दिन एक कृष्ण मंत्र का जाप कर लिया तो काफी लाभ मिल सकता है।
माना जाता है कि भगवान विष्णु अथवा कृष्ण की भक्ति करने वालों को इस महीने विशेष पूजा करने से कभी धन-सम्पत्ति की कमी नहीं होती। इस पूजा का विशेष मंत्र है-
ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय।
इस जाप के कई महत्वपूर्ण आयाम भी है। आप चाहें तो अपने मंदिर में बाल गोपाल या राधा-कृष्ण दोनों में से कोई भी मूर्ति आप मंदिर में स्थापित कर सकते हैं। इसके लिए आपको सूर्योदय के पूर्व जागना होगा तथा स्नान के बाद भगवान कृष्ण की मूर्ति स्थापित करनी होगी। इस मूर्ति का दूध से अभिषेक करें तथा अभिषेक करते समय ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय का जाप करते रहें। दूध से अभिषेक के बाद साफ पानी से नहलाएं फिर पोछकर भगवान को वस्त्र पहनाएं। कुंकुम, चंदन, अक्षत आदि से पूजन करें। गुलाब या मोगरे के फूल चढ़ाएं, फिर माखन-मिश्री का भोग लगाएं। इसके बाद आसन पर बैठकर तुलसी की माला से ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का 108 बार जाप करें। जाप के बाद भगवान की आरती करें और खुद प्रसाद लेकर परिवार के लोगों में बांट दें।
इस क्रम को 21 दिन लगातार करें। इससे आपको बहुत सारी परेशानियों से मुक्ति मिलने लगेगी।


