हरिद्वार- गुरुवार देर रात से शुक्रवार सुबह तक पहाड़ों में हुई भारी बारिश के बाद गंगा का जलस्तर चेतावनी के निशान को पार गया। शनिवार की सुबह को गंगा का जलस्तर 291.85 मीटर था। जबकि शुक्रवार को गंगा का जल स्तर सबसे अधिक दोपहर 3 बजे 293.40 मीटर दर्ज किया गया। 293 मीटर चेतावनी और 294 मीटर को खतरा माना जाता है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। लेखपालों के साथ बाढ़ नियंत्रण चैकियों पर तैनात चैकीदारों से पल-पल की अपडेट ली जा रही है। करीब 50 गांवों में अलर्ट किया गया है। इस सीजन में पहली बार शुक्रवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान के पार हुआ है।
दोपहर 3 बजे गंगा का जलस्तर 293.40 मीटर दर्ज हुआ तो हरिद्वार प्रशासन में हड़कंप मच गया। गंगा किनारे बसे एक दर्जन से अधिक गांवों के ऊपर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा। गंगा के साथ सोलानी नदी उफान पर आ गई। दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ा तो तटबंधों के टूटने का खतरा बढ़ जाएगा। बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से निचले गांवों में अलर्ट किया गया। दोपहर बाद गंगा का जल स्तर घटा तो प्रशासन ने आखिरकारी राहत की सांस ली। गंगा और सोलानी नदी की जद में बसे सभी गांवों के जन प्रतिनिधियों और हल्का लेखपालों को अलर्ट कर दिया गया है। गंगा के बढ़ते जल स्तर ने भूमि कटाव शुरू कर दिया है।