
देहरादून । एक बार फिर सूचना विभाग द्वारा गठित समितियों पर उंगली उठाने का काम निर्भिकता पूर्वक एसोसिएशन ऑफ स्मॉल एवं मीडिएम न्यूज पेपर्स ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा किया गया है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष केशव दत्त चंदोला ने सूचना महानिदेशक को एक पत्र लिख कर कहा है कि उनके संगठन को भारतीय प्रेस परिषद में भी दो सदस्यीय प्रतिनिधित्व प्राप्त है। केंद्रीय मान्यता समिति सहित कई प्रदेशों में सदस्यता पाने वाले इस संस्था को उत्तराखंड में प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। भारतीय प्रेस परिषद द्वारा भी इस संदर्भ में सरकार को निर्दिष्ट किया गया है लेकिन यह आश्वासन पूरा नहीं हुआ जिसके कारण निर्णय लागू करवाने के लिए पुन: उच्च न्यायालय के समक्ष जाना पड़ा। लेकिन वहां दिए गए आश्वासन सरकार ने अब तक पूरे नहीं किए।
श्री चंदोला का कहना है कि दो वर्ष पूर्व विज्ञापन के लिए बनाई गई समिति गलत तरीके से बनाई गई। विज्ञापन की समिति में केवल समाचार पत्र संगठनों को ही शामिल किया जाना चाहिए न की पत्रकार संगठन और वह भी गैर नोटिफाइट संगठनों को। अपने पत्र में श्री चंदोला ने लिखा है कि भारत सरकार का डीएवीपी भी पैनल एडवाइजरी कमेटी का गठन करती है। जिसमें एक प्रतिनिधि बड़े समाचार पत्र से, एक मझोले तथा एक छोटे समाचार पत्र से लिया जाता है। लेकिन सब नोटिफाइड संगठनों के होते हैं। उत्तराखंड सरकार ऐसा नहीं कर रही है। उन्होंने महानिदेशक से आग्रह किया है कि नियमानुसार समितियों का गठन किया जाए ताकि सभी उचित लोगों को प्रतिनिधित्व मिल सके।