Friday, March 27, 2026
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सावन में भूलकर भी ना करे यें काम

हिंदी पंचाग में श्रावण माह का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस महिनें में शिवजी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। साथ ही सभी दुख और परेषानियां भी दूर हो जाती है। सावन माह में षिवजी को खुश करने के लिए लोग सोमवार को वर्त भी रखते है। पुराणो के अनुसार श्रावण में कुछ ऐसे कार्य बताए गए है जो भूल कर भी नही करने चाहिए।

 शिवलिंग पर न चढ़ाएं हल्दी

शिवजी की पूजा करते समय ध्यान रखें कि शिवलिंग पर हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए। हल्दी जलाधारी पर चढ़ानी चाहिए। हल्दी स्त्री से संबंधित वस्तु है। शिवलिंग पुरुष तत्व से संबंधित है और ये शिवजी का प्रतीक है। इस कारण शिवलिंग पर नहीं, बल्कि जलाधारी पर हल्दी चढ़ानी चाहिए। जलाधारी स्त्री तत्व से संबंधित है और ये माता पार्वती की प्रतीक है।

सावन में बैंगन खाना भी वर्जित माना गया है

सावन में महीने में साग के बाद बैंगन भी ऐसी सब्जी है जिसे खाना वर्जित माना गया है। इसका धार्मिक कारण यह है कि बैंगन को शास्त्रों में अशुद्घ कहा गया है। यही वजह है कि कार्तिक महीने में भी कार्तिक मास का व्रत रखने वाले व्यक्ति बैंगन नहीं खाते हैं। वैज्ञानिक कारण यह है कि सावन में बैंगन में कीड़े अधिक लगते हैं। ऐसे में बैंगन का स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सावन में बैंगन खाने की मनाही है।

बुरे विचारों से बचें

सावन माह में किसी भी प्रकार के बुरे विचार से बचना चाहिए। बुरे विचार जैसे दूसरों को नुकसान पहुंचाने के लिए योजना बनाना, अधार्मिक काम करने के लिए सोचना, स्त्रियों के लिए गलत सोचना आदि। इस प्रकार के विचारों से बचना चाहिए, अन्यथा शिवजी की पूजा में मन नहीं लग पाएगा। मन बेकार की बातों में ही उलझा रहेगा। शास्त्रों में स्त्रियों के लिए गलत बातें सोचना महापाप बताया गया है। सावन माह में अच्छे साहित्य या धर्म संबंधी किताबों का अध्ययन करना चाहिए, इससे बुरे विचार दूर हो सकते हैं।

मांसाहार से बचें
सावन माह में मांसाहार यानी नॉनवेज खाने से बचना चाहिए। नॉनवेज खाना बनाने के लिए जीव हत्या की जाती है। जीव हत्या पाप है। मांसाहार को छोड़कर इस पाप से बचें। सावन में वर्षा ऋतु रहती है और आसमान में बादल छाए रहते हैं, इस कारण कई बार सूर्य और चंद्रमा दिखाई नहीं देते हैं। सूर्य और चंद्र की रोशनी हम तक नहीं पहुंचती है तो हमारी पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। इन दोनों ग्रहों की रोशनी से पाचन शक्ति मजबूत होती है। नॉनवेज खाने को पचाने के लिए पाचन शक्ति मजबूत होना जरूरी है। यदि ये खाना ठीक से पचेगा नहीं तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं।
क्रोध न करें

क्रोध से मन की एकाग्रता और सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो जाती है। इस आवेश में लिए गए फैसले भी अधिकतर नुकसानदायक ही होते हैं। ये एक बुराई है और इससे बचना चाहिए। शिवजी के कृपा पाने के लिए खुद को शांत रखना बहुत जरूरी है। क्रोध से मन अशांत हो जाता है और ऐसे में पूजा नहीं की जा सकती है।photo_36438

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