क्या एक मूक जानवर को किसी प्रतियोगिता की बलि चढ़ा देना सही है क्या उनसे परेशान होकर उनको आग के हवाले कर देना चाइए. ऐसा ही कुछ देखने को मिला है पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में जहां एक हाथी और उसके बच्चे को आग के हवाले कर दिए गया और आस पास के लोग तमाशा देख़ते रहे.
आग में जलते हाथी और उसके बच्चे की एक तस्वीर ने वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी प्रतियोगिता जीती है। यह तस्वीर पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले की है जिसे फोटोग्राफर बिप्लब हाजरा ने खींची है।
स्थानीय लोगों और हाथियों के बीच हुए संघर्ष में कुछ लोगों ने हाथियों को आग के हवाले कर दिया था। तस्वीर में हाथी इससे बचकर भागने की कोशिश कर रहे हैं।
सैंचुरी वाइल्डलाइफ मैगजीन द्वारा आयोजित की गई इस प्रतियोगिता में अवॉर्ड देते समय इस तस्वीर के बारे में कहा गया कि इस तरह का अपमान आम बात की तरह है। फोटो लेने वाले हाजरा ने बताया कि हाथियों के चिल्लाते हुए यह तस्वीर तब ली थी जब उनपर पटाखे और आग के गोले फेंके जा रहे थे।
उन्होंने कहा कि इस इलाके में हाथियों और आम लोगों के बीच संघर्ष की खबर आती रहती है। यहां ये हाथी पहले कई सालों से घूमते रहते हैं लेकिन अब हालात बहुत खराब होने लगे हैं।
बांकुड़ा में रहने वाले मेनिक मजूमदार कहते हैं कि यहां होने वाले नुकसान के लिए गांव में रहने वाले जिम्मेदार हैं। यहां हाथियों पर लगातार हमले होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि हालांकि, यह भी है कि हाथी लगातार ग्रामीणों के खेत, फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं।
बड़ा सवाल ये है कि क्या क्या किसी प्रतियोगिता के चलते या परेशनियो से निजात पाने के लिए किसी जानवर को आग के हवाले करना उचित है .


