
जैसा कि हम जानते हैं हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है. पहली चैत्र शुल्क पूर्णिमा को और दूसरी कार्तिक कृष्ण त्रियोदशी को. चैत्र शुल्क पूर्णिमा को मनाई जाने वाली ह्नुमंज्यन्ति इस बार 31 मार्च को पड़ रही है. ज्योतिष की माने तो हनुमान जयंती शनिवार को होने के चलते विशेष मानी जा रही है. अगर किसी पर भी शनि का छाया है तो इस दिन उपाए कर सारी परेशानियो को दूर किया जा सकता है. इसके लिए 31 मार्च को काली उड़द, कोयले और एक रुपये के सिक्के को एक कपडे में बांध ले और माथे पर छुयाये तथा नदी में प्रवाहित कर दे. ऐसा करने से शनि का प्रभाव कम हो जायेगा इतना ही नही हनुमान मंदिर में हनुमान अष्टक का 11 बार पाठ करने से भी शनि की दृष्टि से बचा जा सकता है.
ज्योतिष की माने तो सुबह स्नान करने के बाद साफ़ वस्त्र पहनकर बजरंग बली की पूजा करनी चाहिए. पूजा पूर्व दिशा की ओर लाल आसानी पर बैठकर करनी चाहिए. शनि के प्रभाव को कम करने के लिए शनि देव के मंत्र ‘ॐ शन्नो देवी रभिष्टय आपो भवन्तु पीतये’ का एक माला जाप करना चाहिए.
ऐसे करें उपाए :-
- स्नान करने के बाद चोकी पर लाल कपडा बिछाकर हनुमानजी की मूर्ति स्थापित करे.
- मूर्ति के सामने तांबे की प्लेट में लाल रंग के फूल का आसन देकर श्री हनुमान यंत्र को स्थापित करे.
- इसके पश्चात् श्री हनुमान यंत्र पर सिन्दूर का टीका करे. इसके बाद भगवान को लाल फूल चढाने चाहिए I फिर धूप , दीप , चावल , फूल व बूंदी के प्रसाद आदि से हनुमान जी की स्तुति करे .
- पूर्णिमा तिथि 30 मार्च को शाम 7.35 बजे से 31 मार्च शाम 6.6 बजे तक रहेगी .





