देहरादून- लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के संगठन की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है। दरअसल, उत्तराखंड के दोनों मुख्य राजनीतिक दलों के प्रदेश अध्यक्ष भी बतौर प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर के दो पदाधिकारी भी चुनावी ताल ठोके हुए हैं। संगठन के पदाधिकारियों के चुनाव मैदान में होने से दोनों दलों की सांगठनिक प्रतिष्ठा की भी परीक्षा होने जा रही है।
कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को टिहरी सीट से मैदान में उतारा है। यह बतौर प्रत्याशी प्रीतम का पहला लोकसभा चुनाव है। विधानसभा चुनाव में प्रीतम पांच बार जीत का स्वाद चख चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष होने की वजह से पूरे संगठन की प्रतिष्ठा टिहरी के चुनाव परिणाम से जुड़ चुकी है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट नैनीताल से प्रत्याशी हैं। 2017 के विस चुनाव में हारे भट्ट का यह पहला लोस चुनाव है। भगत सिंह कोश्यारी के नहीं लड़ने के कारण भट्ट को टिकट दिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते भट्ट प्रदेश संगठन का मुख्य चेहरा हैं। ऐसे में चुनाव नतीजे पूरी तरह भाजपा की प्रतिष्ठा से जुड़े हैं। भट्ट के सामने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के खड़े होने से सांगठनिक जिम्मेदारी बढ़ गई है।