
भाकपा माले ने विरोध दिवस मनाते हुए आज धरना प्रदर्शन करते हुए विरोध दिवस मनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी का पुतला दहन किया ।
इस दौरान भाकपा माले के जिला सचिव डॉ कैलाश पाण्डेय ने कहा कि विगत 21 दिनों से जिस तरह लगातार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में लगातार वृद्धि की गई,वह नितांत जनविरोधी और अस्वीकार्य है। मोदी सरकार 2014 में पहली बार पेट्रोल-डीज़ल की मूल्य वृद्धि को एजेंडा बना कर सत्ता में आई थी. लेकिन इस सरकार के छह सालों में मूल्य वृद्धि ने वो रिकॉर्ड हासिल कर लिया,जो आज़ादी के सात दशक में कभी नहीं हुआ. पहली बार पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें बराबर हो गयी और कुछ स्थानों पर तो डीज़ल के दाम पेट्रोल के दामों से अधिक हो गए है ।