
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना के लक्षण वाले हर व्यक्ति को निगरानी समिति के माध्यम से मेडिकल किट उपलब्ध करायी जायें। शासन द्वारा सभी जनपदों को पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध करायी गयी हंै। मेडिकल किट जिन्हें उपलब्ध करायी जायें, उसका सत्यापन भी अवश्य हो। उन्होंने कहा कि मेडिसिन किट का प्राॅपर वितरण होना चाहिए और निगरानी समितियों की प्राॅपर माॅनीटरिंग करते हुए उन्हें लगातार सक्रिय बनाए रखा जाये। हर जनपद में न्याय पंचायत स्तर पर सेक्टर अधिकारियों की तैनाती करते हुए उसकी सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध करायी जाये। उन्होंने जनपद कुशीनगर, देवरिया एवं महराजगंज में मेडिकल किट वितरण में गति लाने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश जनपद गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज में आयोजित कोविड-19 प्रबन्धन तथा जेई/ए0ई0एस0 नियंत्रण सम्बन्धी मण्डलीय समीक्षा बैठक के दौरान दिये। उन्होंने गोरखपुर के अलावा मण्डल के अन्य तीन जनपदों की वर्चुअल समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान निर्देश दिये कि इण्टीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल सेण्टर (आई0सी0सी0सी0) में लैण्डलाइन कनेक्शन पर्याप्त संख्या में होने चाहिए। इसकी कमी किसी भी जिले में नहीं होनी चाहिए। कोविड मरीज को जितनी जल्दी इलाज की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी उसके बेहतर परिणाम परिलक्षित होंगे। हर एक व्यक्ति का जीवन महत्वपूर्ण है और उसकी रक्षा करना हम सबका कर्तव्य है। ‘108’ सेवा की 75 प्रतिशत एम्बुलेंस कोविड कार्यों में लगायी जाएं। प्रदेश सरकार कोरोना संक्रमितों तथा पोस्ट कोविड मरीजों के इलाज का मुकम्मल इंतजाम कर रही है। किसी भी व्यक्ति को इलाज में कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रदेश सरकार संसाधनों की पूरी व्यवस्था कर रही है।
मुख्यमंत्री ने डोर-टू-डोर सर्वे करके हर लक्षणयुक्त व्यक्ति को मेडिकल किट उपलब्ध कराने तथा एक अभियान के तहत टेस्टिंग कराने के निर्देश दिए। लक्षणयुक्त तथा संक्रमण की दृष्टि से संदिग्ध हर व्यक्ति की कोविड जांच की जाये। सभी सी0एच0सी0/पी0एच0सी0, ई0टी0सी0 क्रियाशील हों तथा एक सप्ताह के अन्दर सभी सी0एच0सी0/पी0एच0सी0, सब सेण्टर आदि की रंगाई-पुताई, कनेक्टिविटी, मेन्टीनेन्स आदि कार्यों को करा लिया जाये। उन्होंने कहा कि गोरखपुर मण्डल इंसेफेलाइटिस प्रभावित मण्डल है, इस बीमारी से निपटने हेतु अभी से तैयारियां पूर्ण कर ली जायें। उन्होंने अपेक्षा की कि जनप्रतिनिधिगण एक-एक सी0एच0सी0/पी0एच0सी0 को गोद लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में 50 से 100 बेड का पोस्ट कोविड वाॅर्ड स्थापित कर वहां सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जायें। जब मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ्य महसूस करे तब डिस्चार्ज किया जाये। उन्होंने ब्लैक फंगस वाॅर्ड बनाने तथा वहां दवाओं की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्हांेंने कहा कि सम्भावित तृतीय वेव से निपटने की तैयारी अभी से की जाए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर मण्डल में 25 आॅक्सीजन प्लाण्ट स्थापित किये जा रहे हैं, जिससे इस मण्डल का हर जनपद आॅक्सीजन में आत्मनिर्भर होगा। इस कार्य के लिए उन्होंने एक नोडल अधिकारी भी नामित करने के निर्देश दिये।


