देहरादून- मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम सचिवालय में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में आए 20 प्रस्तावों में से 18 को मंजूरी मिल गई। शासकीय प्रवक्ता और कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड धारकों के लिए 54 मेडिकल टेस्ट निशुल्क कर दिए हैं। इससे पहले जिला स्तरीय अस्पताल में 30 और सीएचसी में 28 जांचे निशुल्क थीं। एनडीएलडी लाइसेंस फीस 200 रुपये से 30 हजार रुपये की।
आशा कार्यकर्ताओं को अब चार हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। इसके अलावा पांच हजार सालाना प्रोत्साहन राशि जारी रहेगी। आयुष विभाग में संविदा पर तैनात चिकित्सकों का सुगम, दुर्गम और अतिदुर्गम में 20 प्रतिशत मानदेय बढ़ा दिया है।
वहीं सरकार ने स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक पदों पर तैनात चिकित्सकों के लिए सप्ताह में दो बार ओपीडी में सेवाएं देने की अनिवार्य व्यवस्था को वैकल्पिक बना दिया है। संविदा पर कर्मचारियों की तैनाती पर सरकार की रोक से स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग बाहर कर दिए गए हैं। चिकित्सकों और मेडिकल कॉलेज संकायों में संविदा पर डाक्टर तैनाती किए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल ने दशकों पुरानी उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नार्कोटिक्स ड्रग्स नियमावली में बदलाव कर दिया है। इसके तहत एनडीएलडी लाइसेंस फीस 200 रुपये से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। एनडीएलडी (स्वापक औषधि लाइसेंस व्यापारी) का लाइसेंस अफीम पोस्त आदि नशीले पदार्थों की दवाओं के इस्तेमाल के लिए दिया जाता है।
अन्य प्रमुख फैसले
उत्तराखंड प्रांतीय सशस्त्र पुलिस नियमावली बनाने को मंजूरी।
108 सेवा संचालित कर रही कंपनी का कार्यकाल 31 मार्च तक बढ़ाया।
उत्तराखंड खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन का गठन।
जिम कार्बेट राष्ट्रीय पार्क की फाउंडेशन को 5.5 करोड़ की आय खर्च करने की अनुमति।
नायब तहसीलदारों के 101 रिक्त पदों पर अस्थाई तैनाती का अधिकार जिलाधिकारियों को दिया।
गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1840 रुपये प्रति कुंतल और 20 रुपये बोनस को स्वीकृति।
सरकारी स्कूलों को औद्योगिक संस्थान को गोद लेने की दी अनुमति।
कैबिनेट के फैसले ने आम जनता को दी बड़ी राहत, अब सरकारी अस्पतालों में 54 टेस्ट होंगे फ्री


