केंद्र की मोदी सरकार अपनी सेन्य ताकत बढ़ाने के साथ भारत-चीन सीमा तक अपनी रोड कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है. इसके तहत केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना में उत्तराखंड राज्य की पांच सड़कों को शामिल किया है। इसमें गढ़वाल और कुमाऊं मंडल की चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़के है। इन पांचों सड़कों का सर्वे, डीपीआर, भूमि अधिग्रहण के कार्य तेजी से चल रहा है…
शुक्रवार को सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह के साथ हुई बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संयुक्त सचिव अमित घोष ने यह जानकारी दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना में उत्तराखंड की चीन सीमा से जुड़ी पांच प्रमुख सड़कें शामिल हैं। इन मार्गों में कैलाश मानसरोवर के लिए जाने वाला कुमाऊं में स्थित असकोट-लिपुलेक मार्ग, सिमल-जौलजीवी मार्ग और गढ़वाल में माणा-माणापास, जोशीमठ-मलारी के साथ ही गढ़वाल-कुमाऊं को जोड़ने वाला अल्मोड़ा-कर्णप्रयाग मार्ग शामिल है।
योजना के तहत इन मार्गों का चौड़ीकरण के अलावा सुविधाजनक एवं बेहतर बनाने के साथ-साथ इन पर पड़ने वाले पुलों का कायाकल्प किया जाएगा। अमित घोष ने कहा कि इन पांचों सड़कों का सर्वे, डीपीआर, भूमि अधिग्रहण के कार्य तेजी से करवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्रालय लगातार इसकी समीक्षा भी करेगा।


