Homeअंतर्राष्‍ट्रीयभाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नरेंद्र मोदी को लेकर बदले टाइम...

भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद नरेंद्र मोदी को लेकर बदले टाइम के सुर, नई रिपोर्ट में लिखा- देश को एक सूत्र में पिरोने वाले पीएम……

लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले प्रचार अंतिम चरणों के दौरान विश्व विख्यात टाइम मैगजीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर एक कवर स्टोरी की थी। जिसमें उन्हें डिवाइडर-इन-चीफ (देश को तोड़ने वाला मुखिया) की उपमा दी गई थी। ब्रिटिश मूल के पाकिस्तानी पत्रकार आतिश तासीर ने उक्त रिपोर्ट लिखी थी।

लेकिन अब एक महीने से भी कम समय में उसी टाइम मैगजीन के सुर पूरी तरह से बदल गए हैं। भारतीय जनता पार्टी को मिले प्रचंड बहुमत और नरेंद्र मोदी की स्वीकार्यता के बाद पत्रिका ने प्रधानमंत्री की तारीफों के पुल बांधने वाला एक लेख अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित किया है। इस नए लेख में कहा गया है कि “मोदी ने भारत को जिस तरह से एकजुट किया है वैसा दशकों में कोई प्रधानमंत्री नहीं कर पाया” है। इस लेख में पिछली बार के मुक़ाबले यू-टर्न है| पर ये लेख मैगजीन की कवर स्टोरी नहीं है। इस बार टाइम के कवर पेज पर अमेरिका की डेमोक्रेट नेता एलिजाबेथ वॉरेन को जगह मिली है। वॉरेन वहां के राष्ट्रपति चुनाव में दावेदार हैं।

मनोज लाडवा के इस लेख में बताया गया है कि लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय इतिहास में सबसे ज्यादा अपमानजनक, चोट पहुंचाने वाले और निम्न भाषायी स्तर का प्रदर्शन हुआ। जिसमें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने समाज के हर तबके की बात करने की कोशिश की। मोदी के पहले कार्यकाल और चुनाव के दौरान उनकी नीतियों की कड़ी और अक्सर अनुचित आलोचना के बावजूद कोई भी प्रधानमंत्री पिछले पांच दशकों के दौरान उनकी तरह भारत को एकजुट नहीं कर पाया। इसके लेखक मनोज लाडवा ब्रिटेन की कंपनी इंडिया इंक के सीईओ हैं। इसके जरिए ही इंडिया ग्लोबल बिजनेस का प्रकाशन किया जाता है। इस लेख में लिखा है कि आखिरी बार कोई प्रधानमंत्री पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में 1971 में लौटा था। उनके गठबंधन को राष्ट्रीय वोट का केवल 50 फीसदी मिला था। यह कैसे माना जाता है कि विभाजनकारी आंकड़ा न केवल सत्ता बनाए रखने बल्कि समर्थन के स्तर को बढ़ाने में कामयाब रहा? इसका एक महत्वपूर्ण कारक यह है कि मोदी भारत की सबसे बड़ी रेखा – वर्ग विभाजन को पार करने में कामयाब रहे। नरेंद्र मोदी का जन्म भारत के सबसे वंचित सामाजिक समूहों में से एक में हुआ था। वह इतने ऊपर तक पहुंचे हैं जिसकी वजह है वह आकांक्षात्मक श्रमिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करते हैं और अपने देश के सबसे गरीब नागरिकों के साथ खुद को जोड़ सकते हैं जैसा कि 72 सालों तक भारत का नेतृत्व करने वाले नेहरू-गांधी के राजनीतिक वंश नहीं कर पाए। उनकी लगातार दूसरी जीत जन स्वीकार्यता की जीत है और देश के अत्यधिक गरीबों के लिए कल्याणकारी नीतियों का अवसर भी है।

सामाजिक रूप से प्रगतिशील नीतियों के माध्यम से उन्होंने बहुत से भारतीयों, हिंदू और धार्मिक अल्पसंख्यकों को पुरानी पीढ़ी की मुकाबले काफी तेजी से गरीबी से बाहर निकाला। मोदी ने देश में स्वच्छता लाने का संकल्प लिया था और उन्होंने ऐसा किया भी। पहले केवल 40 प्रतिशत घरों तक शौचालयों की सुविधा मौजूद थी। अब यह संख्या 95 प्रतिशत है। अब लगभग भारत के हर गांव की पहुंच बिजली तक हो चुकी है। जबकि उनके कार्यकाल संभालने से पहले यह आंकड़ा 40 प्रतिशत था।

मैगजीन में लिखा है कि उन्होंने 2014 में कांग्रेस सरकार से विरासत में मिली अस्थिर अर्थव्यवस्था को स्थिर किया है। एक बार मोर्गन स्टेनली ने कहा था कि भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर है जो कभी भी ढह सकती है। वहीं अब भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है जो तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने कई ऐसी योजनाएं चलाई मसलन प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जिन्होंने उन्हें वैश्विक पटल पर सराहना दिलाई। यह ऐसे फैसले थे जो पूर्ववर्ती सरकार द्वारा नहीं लिए गए। साथ ही उन्होंने पर्यावरण के प्रति सजगता दर्शाई। इसके अलावा उन्होंने तकनीक के जरिए भारतीय समाज को बदलने की कोशिश की।

 

 

Vision Desk 3
Vision Desk 3http://vision2020news.com/
उत्तराखंड ताज़ा समाचार - Vision 2020 News gives you the Latest News, Breaking News in Hindi.Uttarakhand News, Dehradun News, Latest News, daily news, headlines, sports, entertainment and business from Uttarakhand, India.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular